17 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पुराने नियम, नई मनमानी: भोपाल मेट्रो और स्मार्ट सिटी ने बनाए अपने प्लान

Bhopal Master Plan : राजधानी भोपाल में मास्टर प्लान की अनदेखी। मनमाने निर्माण से बिगड़ा शहर का ढांचा। 21 साल पुराना प्लान ही बढ़ा रहे आगे।
2 min read
Google source verification
Bhopal Master Plan

Bhopal Master Plan (भोपाल मेट्रो और स्मार्ट सिटी ने बनाए अपने प्लान Photo Source- AI)

Bhopal News :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के विकास के लिए बना 'मास्टर प्लान' (शहर का मुख्य नक्शा व नियम) सालों से अटका पड़ा है। 2005 का पुराना प्लान ही बार - बार आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका फायदा उठाकर अलग - अलग सरकारी और निजी एजेंसियों ने पूरे शहर में अपने - अपने हिसाब से काम कर दिया है, जिससे भोपाल की बनावट और सुंदरता पूरी तरह बिगड़ गई है।

धारा 16…फ्रीज लैंडयूज में 372 अनुमतियां

जब नया मास्टर प्लान बन रहा होता है तो लैंडयूज को फ्रीज कर दिया जाता है। यानी कोई बदलाव नहीं होता। भोपाल का प्लान 2005 में खत्म हुआ और तीन बार नए प्लान के ड्राफ्ट आए। अब भी 2047 के लिए प्लान बन रहा। फ्रीज स्थिति में सिर्फ संचालक धारपा 16 के तहत विशेष तौर पर अनुमति दे सकता है। आप हैरान होंगे कि इस फ्री स्थिति में संचालकों ने 372 अनुमतियां जारी कर दी। जाहिर है, लैंडयूज का जमकर बदलाव हुआ, जिससे शहर की सूरत खराब हुई है।

कैसे हुई मनमानी?

-मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट: लोकल एरिया प्लान बनाया जा रहा है। मेट्रो लाइन से 100 मीटर से 300 मीटर दूरी तक किनारे पर अलग से लोकल एरिया प्लान तय किया जा रहा है। यहां अलग से लैंडयूज तय होगा। ये मौजूदा प्लान 2005 के तहत ही होगा। इससे लैंडयूज को लेकर चल रहे विवाद और बढ़ेंगे।

-स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कारपोरेशन: टीटी नगर के 342 एकड़ क्षेत्रफल का री-डेंसीफिकेशन के तहत नया मास्टर प्लान तय किया। टीएंडसीपी से इसकी मंजूरी कराई, जिसने 2005 में तय प्रावधानों को चुनौती दी। कारपोरेशन ने इस सरकारी आवासीय जमीन को अपने अनुसार आवासीय, व्यवसायिक और ग्रीन में बांटा। अब ये शहर से एक अलग- अनोखा ही हिस्सा बन गया है।

-ग्रीन बेल्ट में बने कॉम्प्लेक्स: न्यू मार्केट के अपेक्स बैंक के सामने लिंक रोड किनारे ग्रीन क्षेत्र को पूरी तरह से व्यवसायिक किया गया। इसके लिए टीएंडसीपी से 15 एकड़ क्षेत्रफल में नए सिरे से विकास का नया मास्टर प्लान ले आउट मंजूर कराया गया। यहां बहुमंजिला आवासीय इकाइयों के साथ व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, दुकानें व नए क्षेत्र विकसित किए गए।

मास्टर प्लान के साथ खिलवाड़ बंद हो

आर्किटेक्ट स्ट्रक्चरल इंजीनियर अब्दुल मजीद का कहना है कि, मास्टर प्लान के साथ खिलवाड़ बंद करना चाहिए। मास्टर प्लान का उल्लंघन वाले निर्माण तुरंत हटाने की जरूरत है। नया प्लान लागू करके आमजन की जरूरत के अनुसार उसपर काम शुरू हो।