
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिला सत्र न्यायालय एडिशनल पोक्सो एक्ट की विशेष सत्र न्यायाधीश पारुल जैन ने आरोपित सद्दाम को एक नाबालिक से दुष्कर्म करने के मामले मे 20 साल कैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी भालेंद्र राठौर और मकरन राणा ने बताया कि नजीबाबाद निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस स्टेशन नजीबाबाद में 25 मई 2015 को आईपीसी की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी।
थाने में दर्ज एफआईआर में रेप पीड़िता के पिता ने बताया कि वह किराये के मकान में रहता था। 23 मई 2015 को उसकी दो पुत्रियां 13 साल 15 साल अकेली थीं। पड़ोस मे रहने वाला किराएदार सद्दाम उसकी एक पुत्री 15 साल को बहला-फुसला कर भगा ले गया। पुलिस ने पीड़िता को तलाश कर नजीबाबाद रेलवे स्टेशन से बरामद किया था।
पुलिस रेप पीड़िता के पिता के तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच किया और पीड़िता ने कोर्ट के समक्ष 164 सीआरपीसी में बयान दर्ज कराया। रेप पीड़िता ने बयान दिया कि वह घर से नाराज होकर अपनी रिश्तेदारी में जाने के लिए रेलवे स्टेशन नजीबाबाद गई थी। रेलवे स्टेशन पर आरोपित सद्दाम उसे बहला-फुसला अपने गांव ले गया तथा उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
Published on:
21 Jan 2022, 12:59 PM IST
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