
बीकानेर। मुक्ताप्रसाद नगर की जेबी कॉलोनी के एक मकान में 7 मार्च को मिले मनीषा चौधरी के अधजले शव और हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मनीषा की हत्या के आरोप में चूरू के बीदासर निवासी युवक गोपाल पुत्र आसुराम कुम्हार को गिरफ्तार किया है। गोपाल के मृतका की जेठानी के साथ अवैध संबंध थे। जिसका पता मनीषा को चल गया।
मनीषा ने अवैध संबंधों का राजफाश करने की धमकी दी तो उसकी हत्या कर डाली। हत्यारा इतना शातिर है कि वारदात को अंजाम देने से पहले कई वेब सीरीज देखकर कर पूरी प्लानिंग की। रैकी के लिए अपनी प्रेमिका जो मृतका की रिश्ते में चचेरी बहन और जेठानी थी, उसकी मदद ली। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार करने के साथ वारदात में सहयोगी रही युवती को भी हिरासत में ले लिया है।
पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने रविवार को इस वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या के आरोप में चूरू के बीदासर वार्ड नंबर 20 निवासी गोपाल (41) पुत्र आसूराम कुम्हार को गिरफ्तार करने के साथ झाड़ेली हाल जेबी कॉलोनी मुक्ताप्रसाद नगर निवासी सुमन को हिरासत में लिया है। गोपाल को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। वारदात में सहयोगी सुमन मृतका मनीष की चचेरी बहन के साथ जेठानी भी है।
पुलिस अधीक्षक सागर के मुताबिक आरोपी गोपाल ने पूछताछ में खुलासा किया कि सुमन के साथ पिछले एक साल से उसके अवैध संबंध थे। कुछ दिन पहले इस बारे में मनीषा को पता चल गया। उसने विरोध किया और परिजनों को बताने की धमकी दी। इस आरोपी गोपाल व सुमन ने एक बारगी माफी मांगकर मामला शांत कर दिया लेकिन, साथ ही मनीषा को रास्ते से हटाने की सोच ली। सबसे पहले आरोपी ने सुमन से मनीषा के घर से जुड़ी सारी जानकारी हासिल की। वारदात से दो दिन पहले आरोपी ने मनीषा के घर की रैकी की। जब मनीषा घर पर अकेली थी, वह अपनी गलती मानने के बहाने घर में घुस गया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि मनीषा रसोई में काम कर रही थी, तब मौका पाकर उसने उसके सिर पर हथौड़े से वार किए। इससे मनीषा की मौके पर ही मौत हो गई। सबूत मिटाने के लिए उसने पहले से पेट्रोल की व्यवस्था कर रखी थी। जिसे मनीषा पर डालकर आग लगा दी। वारदात के बाद आरोपी गोपाल कुम्हार तुरंत घर से भाग निकला। पड़ोसियों ने आग को बुझाया, तब तक मनीषा का शव 50 प्रतिशत से अधिक जल चुका था।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एएसपी सिटी सौरभ तिवाड़ी व सीओ सिटी श्रवणदास संत के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों ने 200 सीसीटीवी खंगाले। घटनास्थल के आसपास रहने वाले 300 लोगों से पूछताछ की। सात दिन के दौरान घटनास्थल के आसपास आने-जाने वाले 500 लोगों की जानकारियां जुटाई। इसके बाद असल आरोपी का पता चला।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी गोपाल कुम्हार बेहद शातिर है। उसने वारदात को अंजाम देने से पहले कई क्राइम वेब सीरिज व क्राइम एपिसोड देखे। इसके बाद वारदात को अंजाम देने के लिए प्लानिंग की। साजिश में सुमन शामिल रही। वारदात के बाद पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीबीएम अस्पताल में चले धरना-प्रर्दशन में भी शामिल हुआ।
पुलिस अधीक्षक सागर ने बताया कि ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने में सीआई धीरेन्द्र सिंह शेखावत, एएसआई दीपक यादव, सिपाही श्रीराम व छगनलाल की विशेष भूमिका रही। नयाशहर थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी, कोतवाली थानाधिकारी जसवीर सिंह, उप निरीक्षक रेणु बाला, एएसआई सुरेन्द्र, बाबूलाल, दिलीप सिंह, हवलदार लाखाराम, हंसराज, हेतराम, महावीर, सूर्यप्रकाश, हेमसिंह, मनोज, शिवराज, कैलाश बिश्नोई, संजय, काशीराम आदि ने विशेष प्रयास किए। इस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।
Updated on:
17 Mar 2025 04:12 pm
Published on:
17 Mar 2025 04:12 pm
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