करोड़ों की 108 एंबुलेंस, फिर भी 407 से ले जाना पड़ा रायपुर

Amil Shrivas

Publish: Jan, 13 2018 09:17:01 PM (IST)

Bilaspur, Chhattisgarh, India
करोड़ों की 108 एंबुलेंस, फिर भी 407 से ले जाना पड़ा रायपुर

बिलासपुर जैसे बड़े शहर से रायपुर राजधानी तक किसी मरीज को रेफर किया जाए तो वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट के ही सहारे जा सकता है।

बिलासपुर . स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदेश में क्या हाल है इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बिलासपुर जैसे बड़े शहर से रायपुर राजधानी तक किसी मरीज को रेफर किया जाए तो वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट के ही सहारे जा सकता है। बिलासपुर से रायपुर अंबेडकर अस्पताल रेफर किए गए एक मरीज को जब 108 एंबुलेंस नहीं मिली तो मजबूर उन्हें 407 स्वारज मैजदा मिनी ट्रक में जाना पड़ा। मरीज बेहद गंभीर है, लेकिन प्रशासन को इसकी न तो फिक्र थी न ही संवेदनाएं।

Read more - एटीआर में बन रहे मकानों के मामले में हाई कोर्ट ने दो सप्ताह में माँगा जवाब

मुख्यमंत्री का भी लिहाज नहीं - मरीज ने जब एंबुलेंस का पता किया तो कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं थी। इसे लेकर वे स्वास्थ्य के बड़े अफसरों के पास भी गए, लेकिन किसी को इसमें कोई इंट्रेस्ट नहीं था। नतीजनत मरीज को उसके परिजन 407 मिनी ट्रक में लादकर रायपुर रवाना हुए। जबकि शनिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री बिलासपुर में ही थे। लेकिन स्वास्थ्य प्रशासन को इसका कोई लिहाज नहीं रहा।

बिखरी पड़ी हैं व्यवस्थाएं - स्वास्थ्य सेवाएं पूरे छत्तीसगढ़ में बिखरी पड़ी हैं। यहां पर आए दिन ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। बीते दिन दाना मांझी ओडिशा की खबर से जहां पूरा देश हिल गया था तो वहीं ऐसी खबरों की बड़ी श्रृंखला छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिली।

जिला अस्पताल के हाल भी बेहाल - जिला अस्पताल के हाल भी बेहाल हैं। यहां पर महीनों से तैयार बनकर खड़ा शिश केयर भवन अभी तक लोकार्पित नहीं हो पाया। वहीं एंबुलेंस और मूल स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से पटरी से उतरी हुई हैं।

सिम्स है या रेफरल सेंटर - सिम्स में कई बीमारियों का मुकम्मल इलाज नहीं हो पाता। इसके लिए यहां से बिना रिस्क के मरीजों को रायपुर रेफर कर दिया जाता है।

Read More - अब शहर में चलता फिरता लैब करेगा मिलावटखोरों का सफाया

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

1
Ad Block is Banned