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अनुकंपा नियुक्ति और TET को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अहम फैसला, अधिकारियों को 50 दिन में नए सिरे से निर्णय का आदेश

High Court Decision: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने TET और अनुकंपा नियुक्ति मामले में अहम फैसला दिया। कोरोना के कारण TET नहीं होने पर तीन साल की समय-सीमा के आधार पर दावा खारिज नहीं किया जा सकता।
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Chhattisgarh High Court

अनुकंपा नियुक्ति में TET की शर्त पर हाईकोर्ट का फैसला (Photo Source- Patrika File Photo)

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने TET और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि अगर अनुकंपा नियुक्ति के लिए जरूरी शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET किसी ऐसी परिस्थिति के कारण समय पर आयोजित नहीं हो सकी, जो अभ्यर्थी के नियंत्रण से बाहर थी, तो केवल तीन साल की समय-सीमा के आधार पर उसे अपात्र नहीं माना जा सकता। बिलासपुर हाई कोर्ट के जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने धमतरी जिले के हसदा निवासी 35 वर्षीय तोमिन साहू की याचिका स्वीकार कर ली। कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति का दावा खारिज करने वाले पहले के आदेशों को रद्द कर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को 50 दिन के भीतर आवेदन पर नए सिरे से निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

Compassionate Appointment Case: पति की सेवा के दौरान हुई थी मौत

मामला तोमिन साहू के पति दिलीप कुमार साहू की मृत्यु से जुड़ा है। दिलीप कुमार साहू की 24 मई 2018 को सेवा में रहते हुए मौत हो गई थी। इसके बाद तोमिन साहू ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया।अनुकंपा नियुक्ति के लिए निर्धारित नियमों के तहत उन्हें जरूरी शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता तय समय के भीतर हासिल करनी थी। इसी प्रक्रिया में उन्होंने वर्ष 2020 में डीएड की पढ़ाई पूरी की और शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET के लिए आवेदन किया।

कोरोना के कारण समय पर नहीं हो सकी TET

तोमिन साहू के मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020-21 में TET परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी। यानी परीक्षा में शामिल होकर योग्यता हासिल करना उनके नियंत्रण में नहीं था। बाद में जब TET परीक्षा आयोजित हुई तो उन्होंने इसमें हिस्सा लिया और 20 अक्टूबर 2022 को परीक्षा पास कर ली। इसके बाद उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के लिए अपनी पात्रता पूरी होने का दावा किया।

तीन साल की समय-सीमा का दिया गया था हवाला

विभाग ने 28 जून 2021 को तोमिन साहू का अनुकंपा नियुक्ति का दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उन्होंने निर्धारित तीन साल की अवधि में जरूरी योग्यता हासिल नहीं की। इसके बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली। जिला पंचायत ने 20 अप्रैल 2023 को आदेश जारी कर उनके मामले में राहत देने से इनकार कर दिया। इन आदेशों के खिलाफ तोमिन साहू ने हाई कोर्ट का रुख किया।

हाई कोर्ट ने कहा- नियम को यांत्रिक तरीके से लागू नहीं कर सकते

मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने माना कि अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े नियमों में निर्धारित समय-सीमा का पालन जरूरी है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी परिस्थिति में नियम को केवल औपचारिक या यांत्रिक तरीके से लागू नहीं किया जा सकता, जब अभ्यर्थी के नियंत्रण से बाहर किसी कारण से जरूरी परीक्षा ही आयोजित नहीं हो पाई हो। कोर्ट ने माना कि कोरोना महामारी के कारण TET परीक्षा का समय पर आयोजित नहीं होना ऐसी परिस्थिति थी, जिसे अभ्यर्थी नियंत्रित नहीं कर सकती थी। ऐसे में केवल इस आधार पर कि तीन साल की अवधि में TET पास नहीं की गई, अनुकंपा नियुक्ति के दावे को खारिज करना उचित नहीं था।

पहले के दोनों आदेश रद्द

हाई कोर्ट ने तोमिन साहू के मामले में विभाग और जिला पंचायत की ओर से जारी किए गए दोनों आदेशों को रद्द कर दिया। कोर्ट ने उनके आवेदन को महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्वीकार्य अवधि में माना। हालांकि, कोर्ट ने सीधे नियुक्ति देने के बजाय संबंधित अधिकारियों को आवेदन पर नए सिरे से निर्णय लेने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को 50 दिन के भीतर नियमों और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार उचित आदेश जारी करना होगा।

Chhattisgarh Court News: अब 50 दिन में लेना होगा फैसला

हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद तोमिन साहू के अनुकंपा नियुक्ति के दावे पर संबंधित विभाग को फिर से विचार करना होगा। अधिकारियों को महामारी के दौरान TET परीक्षा आयोजित नहीं होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवेदन पर फैसला लेना होगा। इस मामले में कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा महत्वपूर्ण है, लेकिन ऐसी असाधारण परिस्थितियों में उसका इस्तेमाल इस तरह नहीं किया जा सकता कि अभ्यर्थी को उस देरी का नुकसान उठाना पड़े, जो उसके नियंत्रण से बाहर हुई थी।

क्या है फैसले की अहम बात?

इस मामले में हाई कोर्ट का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि किसी अभ्यर्थी से ऐसी परीक्षा पास करने की अपेक्षा नहीं की जा सकती, जो संबंधित अवधि में आयोजित ही नहीं हुई। तोमिन साहू ने समय रहते D.Ed पूरा किया और TET के लिए आवेदन भी किया था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण परीक्षा समय पर नहीं हो सकी। बाद में TET आयोजित होने पर उन्होंने परीक्षा पास की। इसी परिस्थिति को देखते हुए हाई कोर्ट ने पुराने आदेशों को रद्द करते हुए उनके आवेदन पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया है। अब संबंधित अधिकारी 50 दिन के भीतर मामले पर निर्णय लेंगे। हाई कोर्ट के आदेश के बाद तोमिन साहू के अनुकंपा नियुक्ति मामले में आगे की प्रक्रिया इसी नए निर्णय पर निर्भर करेगी।