केंद्र की नीति को राज्य लागू करें : दीक्षित ने कहा कि केंद्र सरकार ने नि:शक्तों की 21 प्रकार की श्रेणियां बनाई है। इन सभी श्रेणियों को राज्य सरकार लागू करें। इससे राज्य के नि:शक्तों को फायदा मिल सकेगा। विशेषकर सरकारी विभागों में नौकरी के लिए ऐसे नि:शक्त आवेदन कर सकेंगे।
श्रवण बाधितों की बाढ़ आने की हो जांच : छत्तीसगढ़ शासकीय नि:शक्त अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में एकाएक श्रवण बाधित नि:शक्तों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इस मामले की जांच राज्य सरकार को करनी चाहिए। ताकि वास्तविक में श्रवण बाधित लोगों को सरकारी सेवा में जाने के अवसर से वंचित न हो सके।
अस्थि बाधित सबसे अधिक : राज्य में सबसे अधिक अस्थि बाधित नि:शक्त है। दूसरे नंबर पर श्रवण बाधित नि:शक्तों एवं सबसे कम संख्या दृष्टि बाधित नि:शक्त है। दीक्षित ने कहा कि राज्य में लगभग दस हजार नि:शक्त सरकारी सेवा में कार्यरत है।