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‘हर दिन मौत से लड़ रहा था’, ‘पंचायत’ फेम रघुबीर यादव ने ‘हुंकार’ में खतरनाक विलेन के रोल पर दिया बयान

Hunkkaar The Roar: रघुबीर यादव ने फिल्म 'हुंकार द रोर' में बापजी के खतरनाक किरदार को निभाने पर बात की है। उन्होंने क्या कुछ कहा है, चलिए जानते हैं।
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Hunkkaar The Roar

हुंकार द रोर (फोटो सोर्स- IMDb)

Hunkkaar The Roar: अभिनेता रघुबीर यादव इन दिनों अपनी नई वेब सीरीज 'हुंकार: द रोर' को लेकर चर्चा में हैं। इस सीरीज में उन्होंने एक ऐसे प्रभावशाली धर्मगुरु का किरदार निभाया है, जिस पर एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण का आरोप लगता है। इस किरदार को निभाना रघुबीर यादव के लिए सिर्फ एक्टिंग का काम नहीं था, बल्कि मानसिक और शारीरिक रूप से भी बेहद कठिन अनुभव रहा। अभिनेता ने कहा कि इस भूमिका को निभाते हुए उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वो हर दिन मौत से लड़ रहे हों।

किरदार के दर्द को महसूस करना पड़ा

‘पंचायत’ में प्रधान जी के किरदार से लोकप्रिय हुए रघुबीर यादव ने सीरीज में सुनील ‘बापजी’ चकोसी नाम के एक ताकतवर और सम्मानित आध्यात्मिक गुरु की भूमिका निभाई है। कहानी में बापजी पर 17 साल की लड़की मीनू रावत यौन शोषण का आरोप लगाती है। मीनू का किरदार ‘सैयारा’ फेम अनीत पड्डा ने निभाया है।

रघुबीर यादव ने PTI से बात करते हुए बताया कि इस किरदार को समझने के लिए उन्हें अपने वास्तविक व्यक्तित्व से बिल्कुल अलग मानसिक स्थिति में जाना पड़ा। उनका कहना है कि वह खुद उस किरदार जैसे व्यक्ति नहीं हैं, लेकिन कहानी में उसके कारण दूसरे लोगों को जो तकलीफ पहुंचती है, उसे महसूस करने की कोशिश उनके लिए बेहद पीड़ादायक रही।

‘मेरे लिए दर्द कई गुना बढ़ गया था’

पीटीआई से बातचीत में रघुबीर यादव ने अपने अनुभव को बेहद कठिन बताया। उनके मुताबिक, किरदार की मानसिकता में पूरी तरह उतरने के दौरान उन्हें उस व्यक्ति के किए कामों से पैदा होने वाले दर्द को भी भीतर तक महसूस करना पड़ा।

अभिनेता ने कहा कि वह अपने किरदार से बाहर निकलने के लिए सीरीज पूरी होने के बाद जानबूझकर एक बिल्कुल अलग तरह की फिल्म की ओर बढ़े। उनका मानना था कि अगर वह लगातार उसी मानसिक दुनिया में बने रहते तो उनके लिए स्थिति और मुश्किल हो सकती थी।

शारीरिक सेहत पर भी पड़ा असर

रघुबीर यादव ने बताया कि वह किसी भी किरदार को निभाते समय उसमें पूरी तरह डूब जाने की कोशिश करते हैं। ‘हुंकार’ के दौरान भी ऐसा ही हुआ। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में उनकी धड़कन तेज हो जाती थी। अभिनेता के मुताबिक, वह पहले ही स्टेंट प्रक्रिया से गुजर चुके हैं, इसलिए इस भूमिका का शारीरिक असर उनके लिए चिंता का विषय भी था।

इसके बावजूद उन्होंने किरदार को पूरा करने का फैसला किया। सीरीज खत्म होने के बाद उन्होंने महसूस किया कि इस भूमिका से बाहर निकलना भी उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था।

अलग-अलग किरदार निभाना चाहते हैं रघुबीर

रघुबीर यादव का कहना है कि उन्हें हमेशा अपने से अलग तरह के किरदार निभाने की इच्छा रहती है। वह अभिनय को सिर्फ एक पेशा नहीं मानते, बल्कि उनके लिए यह एक इंसान से दूसरे इंसान की भावनात्मक दुनिया में प्रवेश करने जैसा अनुभव है।

उनके मुताबिक, अभिनय की असली चुनौती तब आती है जब कलाकार को ऐसी भावनाओं को समझना पड़ता है, जिनका उसने अपनी निजी जिंदगी में अनुभव नहीं किया है। इसी प्रक्रिया में उन्हें अपने काम का उत्साह और आनंद मिलता है।

‘संघर्ष’ नहीं, लगातार सीखने का सफर

लंबे समय से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में सक्रिय रघुबीर यादव ने अपने करियर को संघर्ष के बजाय सीखने और लगातार मेहनत करने की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा पूरे मन से काम करने और नई चीजें सीखने पर ध्यान दिया।

‘हुंकार: द रोअर’ का प्रीमियर 25 सितंबर को 'जियो हॉटस्टार' पर हुआ है। छह एपिसोड की इस सीरीज में फातिमा सना शेख, राम कपूर और जोया हुसैन भी अहम भूमिकाओं में हैं। सीरीज का निर्माण करण डी कपाड़िया और नित्या मेहरा ने किया है।

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