कमल ने दोनों निर्देशकों की खूब तारीफ की। उन्होंने आगे कहा, “बालू एफटीआईआई, पुणे से चेन्नई आए शुरुआती लोगों में से एक थे, जिन्होंने सिनेमा को सरल बनाया। आप एक साथी छात्र से जो सीखते हैं, वह एक महान गुरु की शिक्षा से कहीं ज्यादा होता है। हम दोनों ही संघर्ष कर रहे थे। वह थोड़े बड़े थे, इसलिए यह एक बड़े भाई के साथ चलने जैसा था।