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विदेश में जन्म देने के बावजूद बच्चों को भारत में ही परवरिश देना चाहती थीं माधुरी दीक्षित, वजह है बेहद खास

बड़ी फिल्म स्टार होने के बावजूद माधुरी अपने बच्चों का सारा समय देती हैं। उनके दो बेटे हैं आरिन और रायन। शादी के बाद माधुरी 12 साल तक डेनवर में रहीं। वहीं, उन्होंने दो बेटों को जन्म दिया।
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नई दिल्ली

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Sunita Adhikari

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Updated: 28 Aug 2021, 5:07 PM IST

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Madhuri Dixit

नई दिल्ली। बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित की गिनती बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्रियों में होती है। उनकी खूबसूरती का हर कोई कायल है। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। अपने जमाने में वह टॉप की एक्ट्रेस हुआ करती थीं। 80-90 के दशक में माधुरी दीक्षित का स्टारडम चरम पर था। माधुरी ने राम लखन, परिन्दा, त्रिदेव, किशन-कन्हैया, बेटा, खलनायक, हम आपके हैं कौन, दिल तो पागल है, पुकार और देवदास जैसी फिल्में देकर बड़ा मुकाम हासिल किया। लेकिन शादी के बाद वह फिल्मों से दूर हो गईं और अपने बच्चों को सारा वक्त दिया।

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12 साल विदेश में रहीं
बड़ी फिल्म स्टार होने के बावजूद माधुरी अपने बच्चों का सारा समय देती हैं। उनके दो बेटे हैं आरिन और रायन। शादी के बाद माधुरी 12 साल तक डेनवर में रहीं। वहीं, उन्होंने दो बेटों को जन्म दिया। उस वक्त वह मीडिया से पूरी तरह दूर थीं और खुलकर अपनी जिंदगी जीती थीं। वह अपने बच्चों के साथ कहीं भी घूमती थीं और पार्क में खेलने के लिए जाती थीं। ऐसे में एक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि अगर उन्हें डेनवर में और ज्‍यादा समय तक रूकना पड़ता तो? इस पर उन्होंने कहा कि अगर वो वहां ज्यादा वक्त तक रहतीं तो उनके बच्चे वहां की संस्कृति को अपना लेते और भारतीय संस्कृति से दूर हो जाते। इस कारण उनके लिए देश बदलना काफी मुश्किल हो जाता।

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बच्चों को भारतीय संस्कृति के करीब रखा
माधुरी भले ही सालों तक यूएस में रही हों लेकिन उन्होंने कभी भी अपने अंदर के भारतीय को कभी मरने नहीं दिया। लंबे वक्त बाद जब उन्होंने इंडिया लौटने का फैसला किया तो उनके बच्चे काफी हैरान रह गए थे। माधुरी ने इस बारे में कहा था कि यूएस में खेलने के लिए बच्चों को प्‍ले डेट्स लेनी पड़ती थीं लेकिन इंडिया में आप पड़ोस के बच्चों के साथ खेल सकते हैं। विदेश में रहते हुए भी माधुरी ने अपने बच्चों को भारतीय संस्कृति के करीब रखा। वह सही वक्त पर अपने दोनों बच्चों के साथ भारत लौट आईं। ताकि उनके बच्चे भारतीय तौर तरीके और रहन-सहन को करीब से जान सकें।