8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

8 साल की मासूम से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आरोपी को फांसी की सजा, सिर्फ एक साल में मिला न्याय

यूपी के बुलंदशहर में 8 वर्षीय बच्‍ची से रेप और हत्‍या के जघन्य मामले में स्पेशल पाॅक्सो कोर्ट ने आरोपी को सुनाई सजा-ए-मौत।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बुलंदशहर

•

image

lokesh verma

•

Updated: 4 Sep 2021, 10:04 AM IST

bulandshahr.jpg

बुलंदशहर. यूपी के बुलंदशहर जिले में 8 वर्षीय बच्‍ची से रेप और हत्‍या के आरोपी को अदालत ने सजा-ए-मौत सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 1.40 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। स्पेशल पॉक्सो कोर्ट प्रथम की न्यायाधीश डॉ. पल्लवी अग्रवाल ने केस में आरोपी अशोक अपराध को जघन्य मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। कोर्ट के फैसले पर मासूम के पिता ने संतोष व्यक्त करते हुए इसे न्याय की जीत बताया है।

एडीजीसी सुनील कुमार के अनुसार, अगस्त 2020 में पुलिस ने बच्‍ची का शव आरोपी की निशानदेही पर बंद बोरे में गन्‍ने के एक खेत से बरामद किया था। उन्होंने बताया कि 4 अगस्त 2020 को खुर्जा के एक गांव का रहने वाला पीड़ित पत्नी के साथ ससुराल गया था। जबकि दो बेटियां घर पर ही थीं। जब वह वापस लौटा तो 8 वर्षीय बेटी घर में नहीं थी। इसके बाद उसने बेटी को काफी तलाशा, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। बस ये जानकारी मिली कि उसकी बेटी को एक युवक अशोक के साथ देखा गया था।

यह भी पढ़ें- घर में अकेली मां-बेटी देख दीवार फांदकर घर में घुसा युवक, बच्ची को चाकू की नोक पर लेकर महिला से दुष्कर्म

पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने अशोक को हिरासत में ले लिया। जब अशोक से पुलिस ने सख्त लहजे में पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल किया। इसके बाद अशोक की निशानदेही पर बच्ची का शव बंद बोरे में गन्ने के एक खेत से बरामद किया गया। पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। स्पेशल पॉक्सो कोर्ट प्रथम की न्यायाधीश डॉ. पल्लवी अग्रवाल ने गवाहों के बयान, सबूतों के आधार और दोनों पक्षों के वकीलों की दलील सुनकर आरोपी अशोक को दोषी करार दिया और एक साल बाद इस मामले में अशोक को फांसी की सजा सुनाई। इसके साथ उस पर 1.40 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

पीड़ित पिता बोले- न्याय की जीत

कोर्ट के फैसले को बच्ची के पिता ने न्याय की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि अब न्याय व्यवस्था पर मेरा यकीन बढ़ गया है। उन्‍होंने बताया कि दोनों बेटियां 4 अगस्‍त 2020 जामुन बीनने खेत में गई थीं। एक बेटी तो घर लौट आई, लेकिन दूसरी को दरिंदा अशोक जंगल में ले गया। जंगल में दरिंदे ने 8 साल की बेटी से दुष्कर्म किया और जब उसने शोर मचाया तो गला दबाकर हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि अशोक का कृत्य क्षमा योग्य नहीं था। उसे फांसी कम सजा नहीं होनी चाहिए थी। अब जाकर मेरी बेटी को इंसाफ मिला है।

यह भी पढ़ें- भाजपा नेता को बीच सड़क महिला ने पकड़कर पीटा, लगाया यह आरोप, देखें वीडियो