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कैसे पहुंचे विद्यार्थियों तक सरकारी शिक्षा योजना…शाला दर्पण पोर्टल पर अपडेट ही नही..संस्था प्रधानों की बेरुखी …

जिले में संस्था प्रधानों की बेरुखी से इन दिनों सरकार की शिक्षा योजना बच्चों तक नही पहुंच पा रही है।
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बूंदी

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Suraksha Rajora

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Updated: 22 Mar 2018, 9:40 PM IST

Bundi Government School Neclination

बूंदी. जिले में संस्था प्रधानों की बेरुखी से इन दिनों सरकार की शिक्षा योजना बच्चों तक नही पहुंच पा रही है। चाहे स्कूल इन्फा्रस्ट्रक्चर की बात हो या ट्रान्सपोर्ट वाउचर, रेमेडियल क्लासेज, या शैक्षिक स्तर की सभी सरकारी स्कीम बच्चों से दूर है। यह सभी योजना स्कूली बच्चों तक पहुंचे इसके लिए मध्यमिक/उच्च माध्यमिक के समस्त डाटा शालादर्पण पोर्टल पर अपलोड किये जाने के साथ-साथ संस्था प्रधानो द्वारा इसे समय-समय पर अपडेट करना होता है।

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माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से शालादर्पण पर लगभग 1 माह पूर्व नये मॉडयूल ’’ इंफास्ट्रक्चर’’ ट्रान्सपोर्ट वाउचर, रेमेडियल क्लासेज, आधार नामांकन सहित कई स्कीम प्रारम्भ किये गए है लेकिन अधिकाशं संस्था प्रधानों द्वारा इनमे से कुछ मॉड्यूल आज तक भी अपडेट नहीं किये गए है। इस मामर्ले में जिला रमसा कार्यालय से इन संस्था प्रधानों के साथ विभिन्न माध्यमो से किये पत्राचार सहित की रिपोर्ट सहित उन संस्था प्रधानों की सूची मांगी गई है जिनके 2 से अधिक मॉड्यूल अभी तक पूर्ण नहीं भरे हुए है।

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अति.जिला परियोजना समन्वयक रमसा, सतीश जोशी ने बताया गया कि बार-बार आगाह करने के बाद भी ट्रान्सपोर्ट वाउचर स्कीम में कक्षा 1 से 8 में चयनित 69 विद्यालयों मे से मात्र 29 विद्यालयों ने ही डाटा फीड किया गया है। उन्होनें कहा कि जिन पात्र बालकों के डाटा फीड नहीं किये गए है उनका भुगतान संस्था प्रधानों को व्यक्तिगत स्तर पर करना पड़ेगा।

ट्रान्सपोर्ट वाउचर स्कीम में मिलेगें पर बच्चों को १० रूपए-
एक किमी दूर स्कूल होने पर प्रति बच्चें को प्रतिदिन १० रूपए मिलेगें। उनकी संख्या भी मॉड्ूयूलर पर डालनी है। ताकि इसका लाभ मिले। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक तेजकंवर ने बताया की संस्था प्रधान गम्भीर नही है। शाला दर्पण पोर्टल के जरिए अपने स्कूल की स्थिति, इंफास्ट्रक्चर, प्ले ग्रांउड, वाटर, इंटरनेट व्यवस्था सहित सुविधा है या नही सभी की जानकारी भरनी होती है ताकि उस कमी में सुधार किया जा सके।

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रेमेडियल क्लासेज जो ६ से ९वी कक्षा में पडऩे वाले कमजोर बच्चों के लिए एक्स्ट्रा क्लासेस लगाई जा सके जिसके लिए रमसा पैसा भी वहन करता है। बच्चों तक यह सभी सुविधा पुहंचे इसके लिए संस्था प्रधान इतने समय बाद भी पोर्टल पर अपडेट नही कर रहें है। इसके लिए इनकी लिस्ट मंगवाई जाएगी ताकि कार्रवाई हो सके।