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विश्व गौरेया दिवस – प्यासे पंछियों को पानी पिलाएं आओ इस आदत को संस्कार बनाएं….

उमंग संस्थान ने परिण्ड़ा अभियान का शुभारम्भ परिण्ड़े वितरित कर स्टीकर का किया विमोचन
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बूंदी

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Suraksha Rajora

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Updated: 20 Mar 2018, 7:36 PM IST

World gaurera day umang sansthaan Stickers distributing rings

बून्दी. गर्मियां शुरू हो गई है। अब नन्हें पक्षी भी आपके आंगन आएगें, पानी और दाने से भरा मिट्टी का बर्तन या सकारो आंगन में रखे ताकि उन्हें राहत मिल सके और हमारी अगली पीढ़ी को अच्छे संस्कार मिल सके कुछ इसी तरह से जागरूकता भरे संदेश मंगलवार को विश्व गौरेया दिवस पर गूंजे। उमंग संस्थान की ओर से परिण्ड़ा अभियान का शुभारम्भ नवल सागर पार्क से किया गया। जिसमें परिण्ड़ा वितरण एवं स्टीकर का विमोचन भी किया गया।

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वरिष्ठ इतिहासकार एवं लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड से सम्मानित डॉ.एस.नागौरी, सभापति महावीर मोदी ने गर्मियों के मौसम में बेजुबान पंिछयों के लिए की गई सेवा को परमार्थ की सेवा बताया। उन्होनें गौरेया दिवस पर गौरेया के संरक्षण की परम आवश्यकता बताते हुए कहा कि यदि आज हम गौरेया के लिए नहीं जागे तो कुछ ही वर्षो में यह पृथ्वी से समाप्त हो जाएगी।

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वर्तमान दौर में जहाँ ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव के चलते सम्पूर्ण संसार का प्राणी संकट में आ रहा हैं, वहीं इन बेजुबानों की परवाह किसी को नहीं हैं, जबकि यह बेजुबान पक्षी मानव और प्रकृति के बीच मध्यस्थता की भूमिका का निर्वाह करते हैं। उन पक्षियों मे यह गौरेया ऐसा जीव हैं, जो मानव के लिए प्रकृति का अग्रदूत हैं, जो मानवीय संवेदनाओं को प्रकृति तक पहुँचाती हैं।

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इस दौरान प्रभारी महावीर सोनी ने संस्थान का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि 8 वर्षो से संस्थान नियमित रूप से प्रतिवर्ष इन बेजुबान पंछियों की सेवार्थ परिण्ड़े मार्च से जुलाई माह तक नियमित रूप से बांधे जाते है। संचानल सर्वेश तिवारी ने किया तथा आभार कार्यक्रम संयोजक कृष्ण कान्त राठौर दिया। इस अवसर पर समाजसेविका मीनू शर्मा, मार्गदर्शक रेखा शर्मा, महेश श्रृंगी, पिंकी सोनी, राधवेन्द्र गौतम, लादू लाल, अनिल वर्मा, सहित रघुनाथ एकेडमी तथा बालनिकेतन के छात्राए मौजूद रहें।

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कार्यक्रम में 100 बालक.बालिकाओं को परिण्ड़ों का वितरण कर उनमें नियमित रूप से जल सेवा का संकल्प दिलवाया गया। परिण्ड़े पाकर सभी बच्चों के चेहरे खिल उठे और सभी ने एक स्वर में उनमें नियमित पानी भरने और आस पडौस में भी लोगों प्रेरित करने की बात कहीं। पिछलें दिनों वैवाहिक उपहार में 101 परिण्ड़े और पौधे लेने वाले उमंग संस्थान के सदस्य लादू लाल बैरवा का भी सपत्निक सम्मान अतिथियों द्वारा किया गया।