इसके विपरीत इसी प्रकरण में गवाह श्योजीलाल न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनवां के समक्ष आपराधिक प्रकरण में गवाह के रूप में पेश हुआ। जहां उसने शपथ पत्र में कहा कि उसने ट्रैक्टर चालक को नहीं देखा था। ट्रैक्टर वहां से चला गया था। ट्रैक्टर के नम्बर भी नहीं देखे। ऐसे में नैनवां न्यायालय ने गवाह को पक्षद्रोही घोषित किया था। ऐसे में न्यायाधीश द्वारा दिए गए परिवाद में बताया कि गवाह श्योजी लाल ने बंूदी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण व नैनवां न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अलग-अलग बयान दिए। जो विपरीत प्रकृति के हैं, और वह झूठ बोल रहा है।