बूंदी.
वनराज टी-91 को अपने पुरखों का गढ़ रहा रामगढ-विषधारी वन्यजीव अभयारण्य रास आ गया। 307 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले अभयारण्य में बाघ स्वछंद विचरण करता हुआ घूम रहा है। सूत्रों के अनुसार रामगढ़ अभयारण्य में एक दशक से बाघों को बसाने की संभावना तलाशी जा रही थी। वर्ष 2009 में राज्य के प्रधान वन संरक्षक अभिजीत घोष ने जिला वन मंडल अधिकारी से बाघ बसाने की संभावनाओं को लेकर रिपोर्ट भी मांगी थी।