
ABVKY में नौकरी जाने पर आर्थिक मदद मिलती है। (PC: AI)
Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana: नौकरी चली जाने के बाद सबसे बड़ी चिंता घर का खर्च चलाने की होती है। अगर आप श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत आने वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम यानी ESIC के तहत बीमित कर्मचारी रहे हैं, तो अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) आपके लिए कुछ राहत दे सकती है। इस योजना के तहत नौकरी गंवाने वाले पात्र कर्मचारियों को कुछ समय के लिए नकद आर्थिक सहायता दी जाती है। यह मदद अपने आप नहीं मिलती। इसके लिए कर्मचारी को ईएसआईसी की तय शर्तें पूरी करनी होती हैं। साथ ही नौकरी छूटने की वजह भी नियमों के दायरे में होनी चाहिए। ESIC ने इस योजना को 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक एक और साल के लिए बढ़ा दिया है।
ABVKY के तहत पात्र कर्मचारी को उसकी औसत दैनिक कमाई के 50 फीसदी तक आर्थिक राहत मिल सकती है। यह रकम अधिकतम 90 दिनों की बेरोजगारी अवधि के लिए दी जा सकती है। मसलन, अगर किसी कर्मचारी की पात्र औसत दैनिक इनकम 1,000 रुपये है, तो नियमों के मुताबिक उसकी राहत राशि करीब 500 रुपये प्रति पात्र दिन हो सकती है। हालांकि, अंतिम रकम ईएसआईसी की गणना और मंजूरी के आधार पर तय होगी। ध्यान रखें कि ABVKY में 50 फीसदी की दर शुरुआत से नहीं थी। योजना के शुरुआती प्रावधानों में यह दर 25 फीसदी थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 फीसदी किया गया।
सिर्फ ईएसआईसी में रजिस्ट्रेशन होना इस योजना का लाभ लेने के लिए काफी नहीं है। इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं। सरकारी जानकारी के मुताबिक, बेरोजगार होने से ठीक पहले कर्मचारी कम से कम 12 महीने तक बीमा योग्य रोजगार में रहा हो। इसके अलावा पिछले 12 महीनों में आने वाले एक पूरे कंट्रीब्यूशन पीरियड में कम से कम 78 दिनों का योगदान किया होना चाहिए। यानी नौकरी जाने के बाद क्लेम करने से पहले अपने ESIC योगदान का रिकॉर्ड जरूर देख लेना चाहिए।
हर तरह से नौकरी जाने पर इस योजना का फायदा नहीं मिलता। अगर बेरोजगारी कर्मचारी के मिसकंडक्ट, लॉकआउट या सुपरएनुएशन यानी रिटायरमेंट की वजह से हुई है, तो इसे योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अलावा ESI Act के तहत गलत बयान देने के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति भी इस लाभ के पात्र नहीं होंगे। इसलिए केवल यह देखकर दावा नहीं करना चाहिए कि नौकरी चली गई है। नौकरी जाने की वजह और पिछले योगदान का रिकॉर्ड दोनों महत्वपूर्ण हैं।
नियमों के तहत एबीवीकेवाई का सबसे बड़ा फायदा यह है कि नौकरी छूटने के बाद कर्मचारी को कुछ समय के लिए इनकम सपोर्ट मिल सकता है। पात्र व्यक्ति को अधिकतम 90 दिनों तक राहत दी जा सकती है। इस दौरान मिलने वाली रकम औसत दैनिक कमाई के 50 फीसदी के हिसाब से तय होती है। ऐसे समय में जब हर महीने आने वाली सैलरी अचानक बंद हो जाती है, यह रकम घर के जरूरी खर्चों के लिए कुछ राहत दे सकती है।
ईएसआईसी एक सरकार द्वारा संचालित सोशल सिक्योरिटी और हेल्थ इंश्योरेंस प्रोग्राम है। 10 या अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों में 21,000 रुपये तक ग्रॉस सैलरी वाले कर्मचारी इस योजना में आते हैं। स्कीम में कर्मचारी का योगदान ग्रॉस सैलरी का 0.75 फीसदी और नियोक्ता का योगदान ग्रॉस सैलरी का 3.25 फीसदी होता है।
Updated on:
24 Sept 2026 02:53 pm
Published on:
24 Sept 2026 02:49 pm
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