
Apple ने iPhone 18 Pro के कंपोनेंट्स का उत्पादन घटाने का आदेश दिया है। (PC: AI)
Apple के महंगे iPhone खरीदने वालों की संख्या उम्मीद से कम रहने के संकेत मिल रहे हैं। कंपनी ने iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के कुछ कंपोनेंट्स का प्रोडक्शन घटाने के लिए सप्लायर्स से कहा है। Nikkei Asia की रिपोर्ट के मुताबिक, मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों और नए मॉडल महंगे होने से डिमांड पर दबाव पड़ा है। अक्टूबर के लिए कंपोनेंट ऑर्डर में कंपनी ने शुरुआती मांग के मुकाबले कम से कम 15% कटौती की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ सप्लायर्स को अक्टूबर में अपने प्रोडक्शन की मात्रा घटानी पड़ सकती है। हालांकि, नवंबर से ऑर्डर में और कटौती होगी या नहीं, इस बारे में अभी स्थिति साफ नहीं है। इस बीच एपल के पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo की बिक्री को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इसकी शुरुआती कीमत करीब 2.99 लाख रुपये बताई गई है।
निक्केई एशिया ने मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया कि एपल ने अक्टूबर के लिए दोनों प्रीमियम मॉडल के कंपोनेंट ऑर्डर में 15% से 20% तक कमी की है। कंपनी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, फिलहाल मांग उम्मीद के मुताबिक नहीं है। आने वाले महीनों में स्थिति कैसी रहेगी, इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
कंपोनेंट ऑर्डर घटने का असर सप्लायर्स पर उनकी उत्पादन क्षमता और पहले से तय डिलीवरी टाइम के हिसाब से पड़ेगा। अगर मांग में सुधार नहीं होता है, तो आने वाले समय में उत्पादन से जुड़े फैसलों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
एपल ने आईफोन 18 प्रो और आईफोन 18 प्रो मैक्स को 9 सितंबर को लॉन्च किया था। आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपये और प्रो मैक्स की कीमत 1,79,900 रुपये बताई गई है। दोनों मॉडल अपने पिछले वर्जन के मुकाबले 100 डॉलर महंगे हैं। इनकी बिक्री 18 सितंबर से शुरू हुई थी।
एपल के पहले फोल्डेबल फोन आईफोन डुओ को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी इस डिवाइस को 23 अक्टूबर से 70 देशों और रीजन्स में बिक्री के लिए पेश करने की तैयारी कर रही है। इसके 256GB मॉडल की शुरुआती कीमत अमेरिका में 1,999 डॉलर और भारत में करीब 2,99,900 रुपये बताई गई है।
इतनी ऊंची कीमत इस फोन की बिक्री के रास्ते में बड़ी चुनौती बन सकती है। स्मार्टफोन के लिए यह कीमत काफी ज्यादा है। आईफोन 18 प्रो और प्रो मैक्स की कम डिमांड को देखते हुए आशंका है कि बिक्री शुरू होने के बाद फोल्डेबल मॉडल को भी इसी तरह की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। फोल्डेबल फोन बनाना सामान्य स्मार्टफोन के मुकाबले ज्यादा मुश्किल होता है। इसकी फोल्ड होने वाली स्क्रीन और एपल के सख्त क्वालिटी मानकों के कारण उत्पादन में अतिरिक्त चुनौतियां आती हैं।
आईफोन 18 प्रो की मांग कमजोर होने के संकेत डिलीवरी के समय में भी दिखाई दे रहे हैं। UBS के विश्लेषकों के मुताबिक, 30 से ज्यादा बाजारों में आईफोन 18 प्रो का औसत वेटिंग टाइम कम हुआ है। आमतौर पर किसी नए आईफोन के लॉन्च के बाद शुरुआती हफ्तों में मांग ज्यादा रहने से डिलीवरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। विश्लेषकों का मानना है कि हाल में कीमतें बढ़ने से ग्राहक खरीदारी को लेकर ज्यादा सतर्क हो सकते हैं। अगर फोन महंगा होने के कारण ग्राहक खरीदने का फैसला टालते हैं या सस्ता विकल्प चुनते हैं, तो इसका असर आने वाले महीनों की बिक्री पर पड़ सकता है।
Updated on:
09 Oct 2026 03:04 pm
Published on:
09 Oct 2026 02:56 pm
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