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Gold Adulteration: सोने में मिलाया जा रहा हैवी मेटल्स का पाउडर, जांच से भी नहीं लगता मिलावट का पता, जानिए कैसे बचें

Gold Jewellery Purity: सोने में रूथेनियम, इरिडियम और ऑस्मियम जैसी धातुओं की मिलावट की आशंका सामने आई है। रिफाइनिंग के दौरान कम शुद्ध सोना मिलने के बाद ज्वेलर्स ने चिंता जताई है।
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भारत

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Pawan Jayaswal

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Updated: 4 Nov 2026, 5:06 PM IST

Gold Adulteration in Indore

सोने में मिलावट से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं। (PC: AI)

देशभर के सर्राफा बाजार इस समय धनतेरस के लिए सजे हुए हैं। धनतेरस पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में सर्राफा व्यापारियों को बड़ी डिमांड की उम्मीद है। लेकिन इसके साथ ही मिलावट वाले सोने को लेकर भी चिंताएं सामने आने लगी हैं। मध्यप्रदेश के इंदौर में सोने में मिलावट से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं। ये शिकायतें सोने में हैवी मेटल की मिलावट से जुड़ी हैं। कुछ वर्ष पहले दिल्ली के सर्राफा बाजार में भी ऐसी मिलावट सामने आई थी। महत्वपूर्ण बात यह है कि हैवी मेटल्स की मिलावट सामान्य जांच में पकड़ में नहीं आ पाती है।

सोने में मिलाया जा रहा हैवी मेटल

मास्टर कैपिटल सर्विसेस लिमिटेड के चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ रवि सिंह ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि इंदौर के सर्राफा बाजार में सोने में हैवी मेटल्स की मिलावट से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं। सिंह ने कहा, 'सोने में रूथेनियम (Ruthenium), इरिडियम (Iridium) और ऑस्मियम (Osmium) जैसी धातुएं मिलाने के आरोप हैं। यह एक पाउडर के रूप में होता है, जिसे सोने में मिलाया जाता है। इससे सोने का वजन बढ़ जाता है। लोकल सुनारों को सोने की रिफाइनिंग के दौरान तय मात्रा से कम गोल्ड मिलने पर इस गड़बड़ी का पता चला। इससे शहर के ज्वैलर्स में चिंता बढ़ गई है।'

सर्राफा व्यापारी एसोसिएशन के अविनाश शास्त्री के अनुसार, गहने बनाने के काम में लगे कारीगरों से सोने की क्वालिटी को लेकर मौखिक शिकायतें मिली थीं। इसके बाद सर्राफा व्यापारी एसिसिएशन की बैठक बुलाई गई। बैठक में फैसला लिया गया कि 99.50 फीसदी शुद्ध सोने के कारोबार को ही मान्यता दी जाएगी।

BIS हॉलमार्किंग व्यवस्था और सोने की शुद्धता जांचने के मौजूदा तरीकों पर सवाल

डॉ सिंह ने कहा कि इस मिलावट ने BIS हॉलमार्किंग व्यवस्था और सोने की शुद्धता जांचने के मौजूदा तरीकों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नॉर्मल एसिड टेस्ट, कसौटी और पुरानी कैरेट जांच मशीनों से इस मिलावट का पता नहीं चल पाने की बात सामने आई है।

सामान्य जांच में नहीं चलता मिलावट का पता

इस तरीके में सोने में हैवी मेटल्स का पाउडर मिलाकर उसका वजन बढ़ाया जाता है। हैवी मेटल्स का घनत्व अधिक होता है। ऐसे में थोड़ी मात्रा में मिलाने से ही सोने का वजन बढ़ जाता है। मिलावटी सोना दिखने में असली जैसा लगता है। गहने बनाते समय सोना गलाने की प्रक्रिया में सोने की मात्रा कम निकलने से इस गड़बड़ी का पता चला।

इन बातों का रखें ध्यान

सस्ते सोने के लालच में न आए: अगर कोई ज्वैलर आपको बाजार से काफी कम कीमत पर सोना दे रहा है, तो लालच में आने के बजाए खुद से यह सवाल पूछें कि यहां सोना सस्ता क्यों मिल रहा है।

टैक्स बचाने की कोशिश न करें: कई बार ग्राहक सोने की खरीदारी में जीएसटी बचाने के चक्कर में पक्का बिल नहीं बनवाते। ऐसा ज्यादातर छोटी दुकानों पर होता है। जब आप इतनी बड़ी कीमत देकर सोना खरीद रहे हैं, तो जीएसटी बचाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

हॉलमार्क ध्यान से चेक करें: गोल्ड जूलरी लेते समय जूलरी पर हॉलमार्क चेक करें और पक्के बिल में भी इसकी डिटेल लें।