इन मरीजों को भी छूट
- जांच या इलाज के मकसद से यात्रा कर रहे कैंसर रोगी और उसके साथी यात्री को 75 फीसदी की छूट मिलती है। ये छूट स्लीपर और थर्ड एसी में 100 प्रतिशत तक रहती है, जबकि फर्स्ट और सेकंड एसी में 50 फीसदी तक।
- थैलीसिमिया के मरीज को भी फर्स्ट और सेकंड एसी की टिकट में 50 फीसदी और बाकी श्रेणियों की टिकटों में 75 प्रतिशत की छूट मिलती है। यही छूट हार्ट और किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीजों को भी मिलती है।
- इसके साथ ही हैमोफीलिया के मरीज और उसके साथ यात्रा कर रहे यात्री को 75 फीसदी की छूट मिलती रहेगी, जबकि फर्स्ट या सेकंड एसी के टिकट पर छूट नहीं है।
- टीबी या लुपस वलगेरिस से पीड़ित मरीजों को इलाज या जांच के लिए यात्रा करने पर टिकट में 75 फीसदी की छूट मिलेगी। यही छूट कुष्ट मरीजों के लिए भी है। हालांकि इन्हें फर्स्ट या सेकंड एसी के टिकट पर कोई कन्सेशन नहीं है।
- एड्स और ऑस्टोमी के मरीजों को सेकंड क्लास की टिकट पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाती है। ऐसे मरीजों को मंथली और क्वार्टली पास बनवाने पर भी 50 प्रतिशत की छूट है।
- अप्लास्टिक एनीमिया और सिकल सैल एनीमिया के मरीजों को स्लीपर, एसी 2 टियर, थर्ड एसी, कुर्सी चेयर कैटेगरी की टिकट पर 50 फीसदी का कन्सेशन है। ये रियायत सिर्फ मेल या एक्सप्रेस गाड़ियों के मान्यता प्राप्त अस्पतालों में इलाज के लिए यात्रा करने पर है।