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रुझानों में BJP के आगे रहने से शेयर बाजार में बंपर तेजी, जानिए कौन-से स्टॉक्स उछले और कौन-से गिरे

stock market india: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को पॉजिटिव शुरुआत की। इसके बाद यह लगातार बढ़त बना रहा है। लेकिन ग्लोबल तनाव, एफआईआई की बिकवाली और ऊंचे क्रूड प्राइस के चलते बाजार सीमित दायरे में रह सकता है। इस तरह के रूझानों के कारण निवेशक सतर्क बने हुए है।

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चुनाव परिणामों के चलते बाजार में तेज शुरुआत हुई है। फोटो: एआइ

Sensex Nifty Today: भारतीय शेयर बाजार पर आज निवेशकों की विशेष नजर है। भारत के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव परिणाम इसका मुख्य कारण है। लेकिन इससे भी ज्यादा प्रभाव वैश्विक स्तर पर मिल रहे रुझानों का है। अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद होना और कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी से बाजार में कुछ तेजी के संकेत देखने को मिल रहे है। बाजार ने सोमवार को बढ़त के साथ शुरुआत की। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में ही तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि, बाज़ार अभी खुला ही है और इसमें उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना है।

गिफ्ट निफ्टी और सेंसेक्स का हाल

गिफ्ट निफ्टी में खुलते ही करीब 0.40 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार आज सकारात्मक रुख दिखा सकता है। टेक्निकल चार्ट के अनुसार 24,140 के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर यह स्तर पार होता है तो बाजार 24,500 तक जा सकता है। फिलहाल निफ्टी 179 अंकों की बढ़ते के साथ 24,177 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

वहीं, सेंसेक्स में भी तेजी आई है और लगातार बढ़त बना रहा है। फिलहाल इसमें 652 की बढ़त है और यह 77,565 के स्तर पर रैंक कर रहा है। सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से अधिकतर में तेजी देखी जा रही है। इसमें से सबसे ज्यादा MARUTI के शेयरों में 4.49 फीसदी की तेजी आई है।

ग्लोबल बाजार का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले संकेत सकारात्मक झुकाव वाले हैं। अमेरिकी बाजारों में टेक सेक्टर की मजबूती के कारण प्रमुख इंडेक्स नए उच्च स्तर पर बंद हुए। एशियाई बाजारों में भी तेजी देखी गई, हालांकि कुछ इंडेक्स में हल्की गिरावट रही। कच्चे तेल की कीमतें भले ही अभी भी ऊंची हो लेकिन ट्रंप के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के प्रयासों के कारण फिलहाल इसमें कुछ कमी देखने को मिली है।

FII और कंरेंसी का रुझान

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने हाल के सत्र में भारी बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी जारी रखी, जिससे गिरावट को कुछ हद तक संभाला गया। रुपया भी डॉलर के मुकाबले दबाव में बना हुआ है और हाल ही में इसमें 4 पैसे की मामूली कमजोरी देखने को मिली है, जिसके बाद यह 94.95 के स्तर पर पहुंच गया।