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Sensex-Nifty में जोरदार तेजी, चुनावी नतीजे सिर्फ बहाना, असली गेम बदल रहे ये 5 कारण

शेयर बाजार मे सोमवार को तुफानी तेजी देखने को मिल रही है। इस तेजी के पीछे चुनाव परिणामों का असर मामुली है, जो कि कुछ समय के लिए ही रहेगा। मार्केट में आई तेजी की असली वजह कच्चे तेल की कीमत और युद्ध का असर जैसे कुछ और कारण है।

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शेयर बाजार में आज तेजी दर्ज हुई है।

Stock Market Rise Reasons: तीन दिनों की छुट्टी के बाद सोमवार को खुले शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। बाजार खुलने के साथ तेजी का सिलसिला शुरु हुआ था जो अभी तक जारी है। सेंसेक्स में करीब 800 अंकों तक की बढ़त देखने को मिली है। वहीं, निफ्टी भी 24,250 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

गौरतलब है कि पिछले सत्र में आई भारी गिरावट के बाद सोमवार को शेयर बाजार में तेजी क्यों आई? इस तेजी के पीछे कई कारण है, जिसमें मु्ख्य रूप से वैश्विक संकेत है इसके साथ ही भारत में चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव परिणाम भी इसकी बड़ी वजह है। लेकिन विशेषज्ञ इस बात के पीछे कुछ जरूरी कारण बताते है, जिनको जानना जरूरी है।

मार्केट में कितनी तेजी आई?

आज के शुरुआती कारोबार सत्र में सेंसेक्स 77,910 के हाई लेवल तक पहुंच गया है। वहीं, निफ्टी 24,290 के लेवल पर पहुंचा है। लेकिन विशेषज्ञ इस तेजी को सीमित मान रहे है् और बाजार के स्थिर रहने की उम्मीद जता रहे हैं।

इस वक्त बाजार की चाल पर चुनावों का असर है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के परिणाम बाजार पर असर डाल रहे हैं। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह असर सिर्फ बहुत कम समय के लिए रहेगा।

तेजी की सबसे बड़ी वजह

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार, वी.के. विजयकुमार का कहना है कि बाजार का असली रुझान कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर ही होता है। इसका कारण है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का ज्यादातर हिस्सा आयात करता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों के निकलने के लिए विशेष मदद करेगा।

इस घोषणा के बाद से ही बाजार में कच्चे तेल की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। हालांकि अभी भी यह ज्यादा है लेकिन इससे पहले कच्चे तेल की कीमत 125 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थी जो बहुत ज्यादा थी।

ग्लोबल मार्केट्स का सपोर्ट

1 मई को अमेरिकी बाजारों में आई तेजी आई थी। नैस्डेक और S&P 500 में विशेष तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही प्रमुख एशियाई बाजारों में भी तेजी के संकेत रहे। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 4 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखी गई। इसके साथ ही जापान के निक्केई में और हांगकांग के हैंगसेंग में भी तेजी आई।

ईरान-अमेरिका युद्ध का भविष्य

इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और रिसर्च प्रमुख जी चोक्कलिंगम ने कहा कि ईरान-अमेरिका के बीच हो रहे युद्ध का पूरी तरह से समाधान होने में भले ही समय लग सकता है। लेकिन अब दोनों के बीच बड़े हमले होने की आशंका बहुत कम है। इससे बाजार में स्थिरता का माहौल नजर आ रहा है, जो इस तेजी का एक बड़ा कारण है।

ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों की तेज शुरुआत

बाजार में मारूति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प जैसी ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयर में तेजी आई। इस तेजी के चलते बाजार को बढ़त बनाने का मौका मिला। निफ्टी के ऑटो इंडेक्स (NIFTYAUTO) में 1.42 फीसदी की तेजी आई है। वहीं, मारूति सुजुकी के शेयर में 4 फीसदी के करीब तेजी आई।

दिग्गज कंपनियों के तिमाही नतीजों का असर

हिंदुस्तान यूनिलीवर और अन्य बड़ी कंपनियों के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में 4 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है।