ड्राइवर, पैसेंजर से लेकर पैदल यात्रियों के लिए कार कितनी सेफ है ये क्रैश टेस्ट से पता किया जाता है । पैसेंजर कारों से लेकर SUV तक सभी कारों को क्रैश टेस्ट के माध्यम से चेक किया जाता है। जिसके तहत क्रैश लैब में कारों को अलग-अलग एंगल से क्रैश किया जाता है। ताकि टक्कर से जुड़े सभी आंकड़े रिकॉर्ड किए जा सकें। आज दुनियाभर में इस रेटिंग को आधिकारिक तौर कारों की सुरक्षा का मानक माना जाता है।