1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ऑनलाइन गेम में हजारों रुपए हारकर 10वीं के छात्र ने लगाई फांसी, घर वालों ने पढ़ाई के लिए दिलाया था फोन

-ऑनलाइन पढ़ाई के लिए माता-पिता ने दिया था मोबाइल-पिता ने कहा- बच्चे को मोबाइल देने वाले माता पिता हो जाएं सर्तक
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

छतरपुर

•

image

Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 24 Aug 2022, 7:03 PM IST

News

ऑनलाइन गेम में हजारों रुपए हारकर 10वीं के छात्र ने लगाई फांसी, घर वालों ने पढ़ाई के लिए दिलाया था फोन

छतरपुर. मध्य प्रदेश के छतरपुर में ऑनलाइन गेमिंग के शौख में रुपए हारने वाले दसवीं के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बच्चे को मिले मोबाइल के जरिए विंजो नाम के ऑनलाइन गेम की आदत पड़ गई। ऑनलाइन गेम में बच्चा 3 हजार रुपए हार गया, जिसके बाद हताश होकर उसने बुधवार की सुबह 5 बजे अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी है।

गुलगंज थाना इलाके के अनगौर गांव का 15 वर्षीय ऋषि बिंदुआ छतरपुर में दसवीं की पढ़ाई कर रहा है। कोरोना काल में माता-पिता ने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल दिया। जिसके इस्तेमाल के दौरान मोबाइल पर आए विज्ञापनों के जरिए ऋषि विंजो नाम के ऑनलाइन गेम के चक्कर में फंस गया। ऑनलाइन गेम में रुपए जीतने के आश्वासन को देखकर बच्चे ने पिता के मोबाइल से ऑनलाइन ट्रांजिक्शन कर गेम में रुपए लगा दिए। गेम की हर चाल में रुपए हारता गया और धीरे-धीरे ऋषि ने 3 हजार रुपए गंवा दिए। रुपए गंवाने के बाद बच्चा हताश हो गया। मंगलवार की रात उसने परिवार के साथ खाना खाया और सोने के लिए अपने कमरे में चला गया। सुबह 5 बजे बच्चे ने अपने कमरे में रस्सी से फंदा बनाया और लटक गया।

यह भी पढ़ें- उज्जैन में 4 स्कूली बच्चों की मौत के बाद जागा RTO, अब ऐसे स्कूल वाहन हो रहे जब्त, पेरेंट्स भी जानें

परिवार का रो रोकर बुरा हाल, देखें वीडियो...

परिजन ने सुबह 7.30 बजे देखा तब शव फंदे पर लटक रहा था। जिसे आनन फानन में जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर अभिषेक चौधरी ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। तो वहीं इस पूरी घटना से इलाके में मातम पसरा हुआ है। बच्चे को खोने से पिता प्रेम नारायण बिंदुओ सदमें में है। उन्होने अपील की है कि अपने बच्चों को मोबाइल फोन न दें, अगर दे रहें है, तो उसके इस्तेमाल पर नजर बनाए रखे। उनका कहना है कि उनके साथ जो हुआ वो किसी के साथ न हो। इसलिए सबको सर्तक रहने की जरूरत है। वहीं पुलिस प्रवक्ता शशांक जैन का कहना है कि अभी मर्ग कायम किया गया है। परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस जांच करेगी और ऑनलाइन गेम के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।