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छतरपुर में दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, बेटे को धमकियां, बेटी की शादी लिए पैसे नहीं मिलने से था परेशान

Labour payment dispute: छतरपुर में पांच साल मजदूरी करने वाले विजय अहिरवार की बेटी की शादी के समय रकम नहीं मिलने का आरोप है। परिजनों ने धमकी देने का भी आरोप लगाया।
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Labor payment dispute: बेटी की शादी और बेटे को मिल रही धमकियों से परेशान मजदूर की मौत (फोटो सोर्स- Gemini)

Labour payment dispute: पांच साल तक मजदूरी की, मेहनत करके परिवार का पेट पाला और बेटी की शादी के समय जिस रकम की उम्मीद लगाए बैठा था, वह नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि जब विजय अहिरवार अपने रुपए मांगने पहुंचे तो उन्हें रकम देने से इनकार कर दिया और बेटे को गंभीर शारीरिक क्षति की धमकी दी गई। इसी से परेशान होकर मंगलवार दोपहर विजय ने आत्मघाती कदम उठा लिया। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उपचार के बाद ग्वालियर रेफर कर दिया। लेकिन ग्वालियर ले जाने की व्यवस्था होने से पहले ही विजय की हालत बिगड़ती गई। आखिरकार शाम 7:40 बजे मेडिसिन वार्ड में ही उनकी जान चली गई। परिवार के लिए यह घटना दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठने जैसा दुखद हादसा बन गई।

मानसिक रूप से परेशान था विजय

मध्य प्रदेश के छतरपुर में गढ़ीमलहरा निवासी विजय पिता पुतैया अहिरवार (50) मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के मुताबिक, वह नगर के व्यापारी के यहां करीब पांच साल से मजदूरी कर रहे थे। परिवार का आरोप है कि बेटी की शादी के समय उन्हें रुपए देने का वादा किया गया था। बेटी की शादी हो जाने के बाद जब विजय व्यापारी से रकम मांगने पहुंचे तो व्यापारी ने पैसे देने से इनकार कर दिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि इसी दौरान उनके बेटे को धमकी दी गई। इसके बाद विजय मानसिक रूप से परेशान थे।

घर लौटा बेटा तो पता चली बुरी खबर

मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे विजय घर में अकेले थे। बच्चे स्कूल गए थे, पत्नी मजदूरी करने निकली थी। जब बेटा आशिक अहिरवार घर पहुंचा तो उसे पिता की कुछ खाने से तबियत बिगड़ गई है। घबराए बेटे ने अपने दोस्तों को घटना के बारे में बताया। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से विजय को गढ़ीमलहरा के अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, शाम तक उनकी जान चली गई। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। मजदूरी के भुगतान, कथित धमकी और घटना के पीछे की परिस्थितियों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। अस्पताल चौकी पुलिस जांच में जुट गई है।

ग्वालियर रेफर होने के बाद भी मेडिसिन वार्ड में डेढ़ घंटे इंतजार

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के बाद विजय को मेडिसिन वार्ड में भर्ती किया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया, लेकिन उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। परिजनों और पड़ोसियों के मुताबिक, 108 एंबुलेंस सेवा पर करीब चार से पांच बार फोन किया गया। शुरुआत में कॉल सेंटर से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई। इस कारण विजय को मेडिसिन वार्ड में ही करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

पिता की परेशानी का बच्चों को इतना ही पता

अस्पताल में विजय की बेटी पुष्पा अहिरवार, बेटा आशिक अहिरवार ने बताया कि उनके नगर में एक व्यापारी के यहां मजदूरी करते थे। बेटी की शादी के समय रकम देने की बात हुई थी, लेकिन बाद में पैसे नहीं मिले। आशिक ने बताया कि पिता ने उसे धमकी दिए जाने की बात भी बताई थी। बच्चों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं है। वे पिता के इलाज की उम्मीद लगाए अस्पताल में मौजूद थे, लेकिन शाम को उनके चले जाने की खबर ने परिवार को तोड़ दिया।