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इन 5 मजबूरियों की वजह से Ajinkya Rahane ने लिया संन्यास, रोहित-विराट से भी ज्यादा जड़े हैं फर्स्ट क्लास में शतक

Ajinkya Rahane Retirement Reasons: भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। लगातार 3 साल से टीम से बाहर रहने, ढलती उम्र और आईपीएल में खराब फॉर्म के चलते 38 वर्षीय रहाणे को 15 साल लंबे अंतर्राष्ट्रीय करियर पर विराम लगाने का फैसला लेना पड़ा।
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Ajinkya Rahane retirement

पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे। (फोटो सोर्स: IANS)

Ajinkya Rahane First Class Century: 30 जुलाई 2026 को भारत के सबसे बेहतरीन टेस्ट बल्लेबाजों में से एक अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। इस घोषणा के समय वह भावुक नजर आए, जो यह दर्शा रहा था कि रहाणे क्रिकेट से अभी संन्यास नहीं लेना चाहते थे, लेकिन कुछ मजबूरियों की वजह से उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। आखिरकार 30 जुलाई को इस दिग्गज बल्लेबाज ने अपने 15 साल के इंटरनेशनल करियर पर विराम लगा दिया। 31 अगस्त 2011 को इंग्लैंड के खिलाफ इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए कई यादगार पारियां खेलीं और विराट कोहली की गैरमौजूदगी में भारत को ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। लेकिन 2023 के बाद से चयनकर्ताओं ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया, जिससे उनकी वापसी की उम्मीदें खत्म हो गईं।

5 वजहें, जिनकी वजह से रहाणे ने लिया संन्यास

रहाणे ने अपना आखिरी टेस्ट वेस्टइंडीज के खिलाफ साल 2023 में खेला था, जिसके बाद से चयनकर्ताओं ने उन्हें किसी भी फॉर्मेट में मौका नहीं दिया। यह उनके संन्यास की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

3 साल से टीम से बाहर रहने और 38 साल की उम्र होने के बाद जब चयनकर्ताओं ने अनुभवी दिग्गजों की बजाय युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताना शुरू किया, तो रहाणे को समझ आ गया कि अब टीम में वापसी लगभग नामुमकिन है।

38 साल की उम्र में तेज स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो गया था। इसके अलावा, जब उन्हें टीम से बाहर किया गया था, तब भी उनका फॉर्म निराशाजनक था और लगातार उनकी बल्लेबाजी पर सवाल उठ रहे थे।

रहाणे को सिर्फ बीसीसीआई या चयनकर्ताओं से ही झटका नहीं मिला, बल्कि आईपीएल में केकेआर (KKR) की कप्तानी करते हुए भी उनका और टीम का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। इसके बाद शायद फ्रेंचाइजी ने भी संकेत दे दिए थे कि 2026 आईपीएल के बाद उन पर दांव नहीं लगाया जाएगा।

भले ही रहाणे घरेलू क्रिकेट में ठीक-ठाक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन आईपीएल में भी उनका बल्ला शांत रहा।

शानदार रहा क्रिकेट करियर

टीम इंडिया के लिए 85 टेस्ट मैचों में 38.46 की औसत से 5,077 रन बनाने वाले रहाणे ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 14,000 से ज्यादा रन बनाए हैं, जिसमें 42 शतक और 59 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा, लिस्ट-ए क्रिकेट में भी उनके नाम 6,853 रन दर्ज हैं। ओवरऑल टी20 करियर में भी रहाणे का रिकॉर्ड दमदार रहा है, जहाँ उन्होंने लगभग 30 की औसत से 7,968 रन बनाए हैं। हालाँकि, भारत के लिए खेले गए 20 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में उनके नाम 375 रन ही दर्ज हैं, जबकि 90 वनडे मैचों (87 पारियों) में उन्होंने 35.26 की औसत से 2,962 रन बनाए हैं।

215 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 15 शतक लगाने वाले रहाणे ने 205 फर्स्ट क्लास मैचों में 42 शतक जड़े हैं, जो यह दिखाता है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तुलना में उनका फर्स्ट क्लास करियर बेहद शानदार रहा। रिटायरमेंट का ऐलान करते हुए रहाणे ने साफ कर दिया कि वह क्रिकेट से दूर नहीं होने वाले हैं और भविष्य में अगर टीम इंडिया में उन्हें कोई नई भूमिका मिलती है, तो वह उसे सहर्ष स्वीकार करेंगे।