
Player Loan In IPL : इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) में हमेशा कुछ ना कुछ नए प्रयोग होते रहते हैं। इस सीजन इम्पैक्ट प्लेयर का नियम टीमों को काफी पसंद आ रहा है। अब भविष्य में फुटबॉल की तर्ज पर आइपीएल में खिलाडिय़ों को लोन पर देने का भी विचार किया जा रहा है। दरअसल, लीग के दौरान खिलाडिय़ों के चोटिल होने से फ्रेंचाइजी को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस कारण भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) लीग के दौरान खिलाडिय़ों को लोन पर देने की योजना पर गंभीरता से काम कर रहा है।
कैसे काम करती है ये योजना
-फुटबॉल में खिलाडिय़ों को लोन पर भी दिया जाता है। इसके तहत, एक फ्रेंचाइजी अपने खिलाड़ी को किसी दूसरी टीम को कुछ समय के लिए या फिर लंबे समय के लिए लोन पर दे देती है।
-फ्रेंचाइजी उस खिलाड़ी को लोन पर देती है, जिसकी उसे बहुत ज्यादा जरूरत महसूस नहीं होती।
-खिलाड़ी को लोन पर लेने के लिए फ्रेंचाइजी उस खिलाड़ी की मूल फ्रेंचाइजी को पैसे का भुगतान करती है।
-अवधि खत्म होने के बाद वो खिलाड़ी अपनी मूल फ्रेंचाइजी में वापस लौट आता है।
ये होगा फायदा :
-यदि किसी फ्रेंचाइजी का कोई खिलाड़ी चोटिल है या फिर उपलब्ध नहीं है तो वो किसी अन्य फ्रेंचाइजी से लोन पर खिलाड़ी ले सकती है।
-अभी किसी खिलाड़ी के चोटिल या उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में फ्रेंचाइजी को उन खिलाडिय़ों को टीम में लेना पड़ता है, जो अनकैप्ड या नीलामी में अनसोल्ड होते हैं।
-लोन वाले नियम से फ्रेंचाइजी को किसी दूसरी टीम के बेहतरीन खिलाड़ी को भी टीम में लेने का मौका मिलेगा।
-इससे उन खिलाडिय़ों को भी फायदा होगा, जिन्हें फ्रेंचाइजी नीलामी में तो खरीदती है, लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिल पाता।
जल्द लागू होने की संभावना
आइपीएल फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने कहा कि बीसीसीआइ की यह योजना काफी अच्छी है। उन्होंने कहा, जिस तरह से लीग के दौरान खिलाड़ी चोटिल होते हैं, उससे फ्रेंचाइजी को काफी नुकसान होता है। लोन वाले नियम से अच्छे खिलाडिय़ों को लेने के विकल्प काफी खुल जाएंगे।
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लेकिन बोर्ड को नियमों में फेरबदल करना होगा
बीसीसीआइ को नया नियम लाने से पहले पुराने नियम में बदलाव करना होगा। लीग के एक अधिकारी ने कहा, दरअसल, अभी जो नियम है, उसके मुताबिक यदि फ्रेंचाइजी ने किसी खिलाड़ी के साथ अनुबंध कर लिया है, तो वो खिलाड़ी आइपीएल ही नहीं बल्कि ऑफ सीजन में भी किसी दूसरी टीम के साथ जुडऩे के बारे में बात भी नहीं कर सकता। ऐसे में बोर्ड को नया नियम लाने से पहले काफी सोच-विचार करना होगा।
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Published on:
29 Apr 2023, 1:36 PM IST
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