
अर्शदीप सिंह के विकेट लेने का जश्न मनाती भारतीय टीम। (फोटो सोर्स: IANS)
Arshdeep Singh on Shai Hope:भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर में खेले गए तीसरे टी20 में टीम इंडिया की प्लानिंग को लेकर सोमवार को बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप को जल्दी आउट करने की टैक्टिक्स को सफलतापूर्वक लागू करने पर उन्हें बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि उनके जैसे क्वालिटी बल्लेबाज को आउट करने के लिए कोचिंग स्टाफ से बहुत अच्छी तैयारी और इनपुट की जरूरत थी। ज्ञात हो कि रविवार रात होलकर स्टेडियम में अर्शदीप ने दूसरे ओवर में इन-फॉर्म शाई होप को आउट करके शुरुआती ब्रेकथ्रू दिलाया। हालांकि जब तक खतरनाक शेरफेन रदरफोर्ड क्रीज पर थे, तब तक मुकाबला कांटे का रहा। लेकिन, अर्शदीप ने उन्हें आउट किया और कीमो पॉल को भी आउट करके यह पक्का किया कि मुकाबला भारत के पक्ष में खत्म होगा।
अर्शदीप सिंह ने सोमवार को बीसीसीआई टीवी पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि मैच से पहले हमने प्लान बनाया था कि उसे कैसे कंट्रोल में रखना है और जब आप मैच में उस प्लान को लागू करते हैं, तो रिजल्ट मिलने पर अच्छा लगता है। मैं कोच का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने प्लान पर काम किया और उन्होंने मुझसे कहा कि मैं इसे मैच में इस्तेमाल कर सकता हूं और वह चीज लागू हो गई। उन्होंने 223 के बड़े टोटल का बचाव करते हुए लगातार प्रेशर बनाए रखने के लिए पूरे बॉलिंग अटैक को भी क्रेडिट दिया।
उन्होंने कहा कि मैंने बहुत अच्छी बॉलिंग की। मयंक ने दूसरे छोर से प्रेशर बनाए रखा और सभी छह बॉलर्स ने मिलकर बहुत अच्छी बॉलिंग की। जब आप पर प्लान को लागू करने का थोड़ा प्रेशर होता है तो अच्छा लगता है। इसलिए यह बहुत मज़ेदार है। अर्शदीप ने बल्ले से एक उपयोगी बाउंड्री भी लगाई। हालांकि उन्होंने अक्षर पटेल से अंदाज में माफी मांगी, जब पिच के बीच में हुई गड़बड़ी की वजह से अक्षर रन-आउट हो गए। मैं अक्षर भाई से माफी मांगना चाहता हूं। सॉरी अक्षर भाई। मैंने आपको रन आउट करवा दिया।
वहीं, बल्ले से योगदान देने की अपनी पर्सनल इच्छा के बारे में बताते हुए अर्शदीप ने कहा कि मैं बैटिंग में कोशिश करता रहता हूं। नतीजे कम ही मिलते हैं। जितना कोच हम पर भरोसा करते हैं, हमें बैटिंग में भी वैसा ही करना होगा और ऑर्डर में नीचे कुछ रन बनाने होंगे। इसलिए बैटिंग में इस तरह काम करना जरूरी है।
अर्शदीप ने इंटरनेशनल लेवल पर अपने लगातार विकास का क्रेडिट इंडियन टीम के अंदर के वेलकमिंग कल्चर और अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने की इच्छा को भी दिया। उन्होंने कहा कि ड्रेसिंग रूम में माहौल बहुत चिल है। कोई भी ऐसा बिहेव नहीं करता जैसे उसने ज्यादा या कम मैच खेले हों। माहौल बहुत चिल है। मैं कुछ न कुछ सीखने और एक अलग स्किल सेट पाने की कोशिश करता रहता हूं। सीखने और अपने गेम को बेहतर बनाने की इच्छा हमेशा रहती है और मुझे लगता है कि अगर सीखने की भूख है, तो मैं अपने गेम को बेहतर बनाता रहूंगा।
Updated on:
12 Oct 2026 03:02 pm
Published on:
12 Oct 2026 03:02 pm
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