
पांड्या की लचर कप्तानी से लेकर पूरन-किंग की तूफानी बल्लेबाजी तक, ये रहे भारत की हार के 5 प्रमुख कारण।
IND vs WI T20 Series : भारत के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज वेस्टइंडीज ने 3-2 से जीत ली है। अमेरिका के फ्लॉरिडा में खेले गए सीरीज के निर्णायक मुकाबले में विंडीज ने 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की है। खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया की ऐतिहासिक हार से जहां भारतीय प्रशंसक निराश हैं। वहीं, कप्तान हार्दिक पांड्या ने भी अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि जब वह क्रीज पर उतरे तो टीम इंडिया मोमेंटम खो चुकी थी। क्या सचमुच हार की यही एक मुख्य वजह है या पांड्या अपनी गलतियों को छिपाना चाहते हैं। आइये आपको बताते हैं इस अहम मुकाबले में टीम इंडिया की हार के पांच प्रमुख कारण क्या रहे?
भारतीय ओपनर फिर फ्लॉप
वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरुआती तीन टी20 में भारतीय ओपनर बुरी तरह से फ्लॉप रहे, लेकिन अमेरिका के फ्लोरिडा में खेले गए चौथे मैच में यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल ने 165 रनों की साझेदारी कर विंडीज को पस्त कर दिया। ऐसे में इन दोनों से निर्णायक मुकाबले में बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन महज 17 रन के स्कोर पर ही दोनों पवेलियन लौट गए और शुरुआत में ही टीम इंडिया बैकफुट पर आ गई।
सूर्या को छोड़कर मध्यक्रम सुपर फ्लॉप
सूर्यकुमार यादव को छोड़कर मध्यक्रम का कोई भी बल्लेबाज नहीं चल सका। जबकि भारतीय टीम के बैटिंग लाइनअप में संजू सैमसन के साथ खुद कप्तान हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल जैसे धाकड़ बल्लेबाज थे। सूर्या के 61 रनों को हटा दें तो भारत बड़ी मुश्किल से 100 रन का आंकड़ा पार कर सका। सैमसन और अक्षर को लगातार मौके मिले, लेकिन दोनों ने ही बल्ले से निराशाजनक प्रदर्शन किया। वहीं, कप्तान पांड्या ने भी काफी धीमी पारी खेली।
निकोलस पूरन को तीन नंबर पर भेजने का अच्छा फैसला
वेस्टइंडीज ने अपने सबसे खतरनाक बल्लेबाज निकोलस पूरन को नंबर तीन पर उतारकर अच्छा फैसला लिया। पूरी सीरीज में शानदार फॉर्म में नजर आए पूरन ने निर्णायक मुकाबले में ब्रैंडन किंग का अच्छा साथ निभाया और एक-एक कर सभी भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली। पूरन ने 47 रन की तूफानी पारी खेली और टीम को जीत के करीब पहुंचाकर आउट हुए। वहीं, किंग ने 55 गेंदों का सामना करते हुए 85 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई।
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भारत की घटिया गेंदबाजी
विंडीज के खिलाफ सीरीज निर्णायक मुकाबले में भारतीय गेंदबाजी में बिलकुल भी धार नजर नहीं आई। कुलदीप यादव को छोड़ दें तो बाकी सभी ने निराशाजनक प्रदर्शन किया। खुद कप्तान हार्दिक पांड्या ने 3 ओवर में बिना कोई विकेट लिए 32 रन लुटा दिए। वहीं, स्टार स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल ने अपने कोटे के चार ओवर में बिना कोई विकेट लिए 51 रन खर्च दिए। वहीं, अर्शदीप और मुकेश कुमार ने भी 10-10 की इकॉनमी से रन दिए।
हार्दिक पांड्या की लचर कप्तानी
भारतीय टीम के 11वें ओवर में 87 रन पर चार विकेट गिर चुके थे और कप्तान हार्दिक पांड्या खुद बल्लेबाजी के लिए उतरे। लेकिन, उन्होंने बेहद धीमी बल्लेबाजी की। पांड्या ने सबसे कम महज 77.78 के स्ट्राइक रेट से महज 14 रन बनाए। इसके बाद उन्होंने अक्षर पटेल से भी सिर्फ एक ही ओवर कराया। जबकि पिछले कुछ मैचों में पावरप्ले के दौरान अक्षर ने काफी अच्छी गेंदबाजी की थी।
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Published on:
14 Aug 2023, 10:27 AM IST
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