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क्या अभी भी तय नहीं रोहित-विराट का वनडे वर्ल्ड कप 2027 में खेलना? BCCI चीफ मिथुन मन्हास का बड़ा बयान

Mithun Manhas on Rohit-Virat: BCCI प्रेसिडेंट मिथुन मन्‍हास ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे वर्ल्‍ड कप 2027 में खेलने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्‍होंने कहा कि रोहित-विराट को सेलेक्शन उम्र के आधार पर नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस और फिटनेस के आधार पर होना चाहिए।
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भारत

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lokesh verma

•

Oct 13, 2026

Mithun Manhas on Rohit Sharma and Virat Kohli

भारतीय स्‍टार खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली। (फाइल फोटो सोर्स: एक्‍स@/Crex_live)

Mithun Manhas on Rohit-Virat: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के प्रेसिडेंट मिथुन मन्हास ने कहा कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए इंडिया के प्लान में विराट कोहली और रोहित शर्मा की जगह उनकी फिटनेस और परफॉर्मेंस पर डिपेंड होनी चाहिए, न कि उनकी उम्र पर। इसके साथ ही उन्‍होंने शुभमन गिल को गाइड करने में सीनियर खिलाड़ियों के महत्‍व पर भी जोर दिया। उन्‍होंने ने भारत के बढ़ते प्लेयर पूल का भी सपोर्ट किया, ताकि बढ़ते डिमांड वाले इंटरनेशनल कैलेंडर को मैनेज किया जा सके।

'चयन के लिए फिटनेस और परफॉर्मेंस क्राइटेरिया होने चाहिए'

स्पोर्टस्टार के साथ बातचीत में मिथुन मन्हास ने कहा कि दो सीनियर बल्‍लेबाजों पर फैसला सेलेक्टर्स और कोच को लेना है, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्लेयर्स को सिर्फ उम्र से नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां तक ​​बीसीसीआई की बात है, हम इस पर कमेंट करने की हालत में नहीं हैं, क्योंकि यह सब सेलेक्टर्स और कोच पर निर्भर करता है। लेकिन, जैसा मैं देखता हूं, चयन के लिए फिटनेस और परफॉर्मेंस क्राइटेरिया होने चाहिए, न कि उम्र।

'हमें सिर्फ उसी क्राइटेरिया पर फोकस करना चाहिए'

उन्‍होंने कहा कि अगर कोई खेलने के लिए फिट है और आप उसे देश के लिए परफॉर्म करते और मैच जीतते हुए देखते हैं, तो हमें सिर्फ उसी क्राइटेरिया पर फोकस करना चाहिए। मन्हास का मानना ​​है कि अनुभव बहुत जरूरी रहेगा, क्योंकि शुभमन गिल अगले वनडे वर्ल्ड कप में भारत को लीड करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोहली, रोहित और हार्दिक पांड्या की मौजूदगी गिल को कैप्टेंसी की जरूरतों को मैनेज करने में मदद कर सकती है। इसके साथ ही बॉलिंग ग्रुप में जसप्रीत बुमराह की लीडरशिप भी सहायक होगी।

'जब टीम प्रेशर में होगी, तो सीनियर का अनुभव काम आएगा'

मन्हास ने कहा कि टीम में विराट, हार्दिक और रोहित के होने से उन्हें जरूर मदद मिलेगी। फिर बुमराह जैसे खिलाड़ी हैं, जो लीड कर सकते हैं, जो बॉलिंग कैप्टन हो सकते हैं और फिर कोई ऐसा जो फील्डिंग कैप्टन होगा। यह सब वर्कलोड के डिस्ट्रीब्यूशन के बारे में है। उन्होंने आगे कहा कि जब टीम प्रेशर में होती है, तो सीनियर खिलाड़ी मुश्किल हालात में अच्छा करने के अपने अनुभव का इस्तेमाल करके जरूरी सलाह दे सकते हैं।

'भारतीय क्रिकेट के लिए इतना कॉम्पिटिशन होना अच्छा'

मन्हास ने भारत के बढ़ते प्लेयर पूल का भी सपोर्ट किया, ताकि बढ़ते डिमांड वाले इंटरनेशनल कैलेंडर को मैनेज किया जा सके। उन्होंने कहा कि इतने सारे टूर्नामेंट हो रहे हैं और चोटें एक चिंता का विषय हैं। बेंच स्ट्रेंथ होने से हमें इन सभी चैलेंज को मैनेज करने में मदद मिलती है। भारतीय क्रिकेट के लिए इतना कॉम्पिटिशन होना अच्छा है। कॉम्पिटिशन खिलाड़ियों को बेहतर परफॉर्म करने के लिए मोटिवेट करता है। इसलिए यह गेम के लिए एक हेल्दी साइन है। शेड्यूल के बारे में मन्हास ने कहा कि बीसीसीआई क्रिकेट कमिटमेंट्स और खिलाड़ियों की रिकवरी के बीच बैलेंस बनाने के प्लान पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्कलोड मैनेजमेंट में हर व्यक्ति की मांगों का ध्यान रखना होगा।