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MS Dhoni Success Mantra: एमएस धोनी ने खोला आईपीएल प्‍लेऑफ में सीएसके के पहुंचने की सफलता का राज

MS Dhoni Success Mantra : दिल्‍ली को 77 रनों से हराते हुए प्‍लेऑफ में जगह पक्‍की करने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान एमएस धोनी बेहद खुश हैं। जब उनसे इस सफलता के पीछे के फॉर्मूले के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि उनकी टीम खिलाडि़यों पर भरोसा रखते हुए उन्‍हें सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन के लिए प्रोत्‍साहित करती है।
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नई दिल्ली

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lokesh verma

•

Updated: 21 May 2023, 12:09 PM IST

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एमएस धोनी ने खोला आईपीएल प्‍लेऑफ में सीएसके के पहुंचने की सफलता का राज।

MS Dhoni Success Mantra : दिल्‍ली कैपिटल्‍स को उसी के घर में 77 रनों से हराकर प्‍लेऑफ में जगह पक्‍की होने पर चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बेहद खुश हैं। जब उनसे इस सफलता के फॉर्मूले को लेकर सवाल किया गया तो उन्‍होंने टीम की जमकर तारीफ की। उन्‍होंने कहा कि उनकी टीम खिलाडि़यों पर भरोसा रखते हुए उन्‍हें सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन के लिए प्रोत्‍साहित करती है। ऋतुराज गायकवाड़ (50 गेंद पर 79 रन) और डेवोन कॉनवे (52 गेंद पर 87 रन) ने 141 रन की साझेदारी के साथ सीएसके को जबरदस्‍त शुरुआत दी। इसके बाद शिवम दूबे (9 गेंद पर 22 रन) और रवींद्र जडेजा (7 गेंद पर 20* रन) के महत्वपूर्ण पारियों के दम पर सीएसके ने 223/3 का विशाल स्‍कोर बनाया।


सीएसके 224 रनों के लक्ष्‍य का पीछा करने उतरी दिल्‍ली की ओर से डेविड वार्नर ने 58 गेंदों का सामना करते हुए 86 रन की शानदार पारी खेली। लेकिन अन्‍य कोई बल्‍लेबाज 15 रन से ज्‍यादा नहीं बना सका। इस तरह दिल्‍ली कैपिटल्‍स निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 146 रन ही बना सकी। सीएसके की ओर से दीपक चाहर ने 22 रन देकर तीन महत्‍वपूर्ण विकेट चटकाए और इस तरह सीएसके 14 मैचों में 17 अंक के साथ प्लेआफ में पहुंच गई।

एमएस धोनी ने खोला सीएसके की सफलता का राज

जब एम धोनी से सवाल किया गया कि आखिर वह क्‍या फॉर्मूला है, जिसने टीम को सीजन दर सीजन सफल बनाया है? उन्‍होंने कहा कि सफलता के लिए कोई नुस्खा नहीं है। आप हमेशा सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनने का प्रयास करते हैं।

इसके साथ ही उन्हें सर्वश्रेष्ठ स्लॉट देते हैं, जहां उनके प्रदर्शन की सबसे अधिक संभावना होती है। आप उन्हें उन क्षेत्रों में तैयार करते हैं, जहां वे कमजोर होते हैं। टीम के लिए कुछ खिलाड़ियों को बलिदान भी देना पड़ता है। ऐसा करने पर कामयाबी अपने आप मिलती है।

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धोनी खिलाडि़यों में क्‍या खूबी तलाशते हैं?

धोनी से जब सवाल किया गया कि आप खिलाडि़यों में क्‍या खूबी तलाशते हैं? इस पर उन्‍होंने कहा कि हमें उन खिलाड़ियों का पता लगाने और उन्हें चुनने की जरूरत है, जो पहले से टीम का हिस्‍सा हैं। वे जो व्यक्तिगत प्रदर्शन के बारे में नहीं सोचते और नॉकआउट में अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं।

हम चाहते हैं कि वे टीम माहौल में पूरी तरह ढलें। अगर वह 10 प्रतिशत भी बढते हैं तो हम 50 फीसदी जाने को तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा टीम प्रबंधन और स्टाफ शानदार है, वह हमेशा यही कहता है कि अपना स्वाभाविक खेल खेलो और कोई चिंता न करो।


तेज गेंदबाजी आक्रमण की भी तारीफ


धोनी ने इस दौरान अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण की भी तारीफ की। उन्‍होंने कहा कि अंतिम ओवर्स में गेंदबाजी के लिये आत्मविश्वास जरूरी है। तुषार देशपांडे डैथ ओवर्स का गेंदबाज बन रहा है। पथिराना भी डैथ ओवर्स का स्वाभाविक गेंदबाज है। उसने हमारा एक सिरदर्द कम किया और वह अब देशपांडे का अच्‍छे से साथ दे रहा है।

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