
नई दिल्ली। किसी भी नए चीज को सीखने में समय का लगना स्वभाविक है। लेकिन इस प्रक्रिया में कई बार ऐसा प्रदर्शन भी सामने आता है, जिसकी आप शायद कल्पना नहीं कर सकते। क्रिकेट का ककहारा सीख रही अफगानिस्ता क्रिकेट टीम के लिए यह बात बिल्कुल सटीक जान पड़ती है। जिस तेजी से अफगानिस्तान में क्रिकेट बढ़ रहा है, वो सराहनीय है। सालों तक आतंक, बम-बारूद, हत्या और खौफ के माहौल से निकली अफगान की टीम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
जिम्बाब्वे को 4-1 से हराया-
अफगानिस्तान क्रिकेट टीम ने उस जिम्बाब्वे की टीम को 4-1 से हराया, जिसने पिछले साल श्रीलंका की टीम उसके घर में करारी मात दी थी। जिम्बाब्वे की हार से बड़ी बात अफगान की जीत है। सीरीज के एक मैच को छोड़ कर बाद की सभी मुकाबलों में जिम्बाब्वे की टीम इस नई टीम के सामने पानी भरती नजर आई।
अंडर 19 में भी बेहतरीन प्रदर्शन-
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने न केवल सीनियर लेवल पर बल्कि जूनियर लेवल पर अच्छी पौध तैयार कर ली है। हाल ही में संपन्न हुए अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप में अफगानिस्तान की क्रिकेट सेमीफाइनल तक पहुंची। इतने बड़े मंच पर आकर टीम ने कई दिग्गज टीमों को मात दी।
आईपीएल में भी बोलबाल-
अफगानिस्तान के क्रिकेटरों का इंडियन प्रीमियर लीग के 11वें संस्करण के लिए हुए नीलामी प्रक्रिया के दौरान भी बोलबाला छाया रहा। युवा स्पिनर राशिद खान, 21वीं शताब्दी के पहले क्रिकेटर मुजीब जारदान पर कई फ्रेंचाइजियों ने जमकर बोली लगाई। जिससे इन खिलाड़ियों को अच्छी कीमत हासिल हो सकी।
एशिया कप की चैंपियन बनी -
पिछले साल अंडर 19 क्रिकेट में अफगान की टीम एशिया कप की चैंपियन बनी। एशिया के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में इस टीम ने भारत जैसी टीम को भी हराया। फिर फाइनल में पाकिस्तान की टीम को मात देकर चैंपियन बनने का रुतबा हासिल किया।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड की बड़ी भूमिका-
पड़ोसी देश अफगान में क्रिकेट को बढ़ावा देने में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बड़ी भूमिका अदा की है। बीसीसीआई ने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को कई बुनियादी सुविधाओं में मदद की। साथ ही कई भारतीय स्टार क्रिकेटरों ने भी बीच-बीच में अफगानिस्तान क्रिकेट टीम की हौसला आफजाई की है। जिसके लिए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड पहले भी भारत को शुक्रिया कह चुका है।
Published on:
20 Feb 2018, 11:55 AM IST
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