
विराट कोहली (फोटो- IANS)
Virat Kohli 38th Birthday: 18 अगस्त 2008 को जब विराट कोहली ने पहली बार इंटरनेशनल पिच पर कदम रखा, तब उनकी टीम में एक ऐसा खिलाड़ी था, जिसे भारतीय क्रिकेट में भगवान का दर्जा दिया जाता है। श्रीलंका के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में कोहली भले ही कुछ खास नहीं कर पाए, लेकिन आगे चलकर उन्होंने इतने रन बनाए और इतने शतक जड़े कि सचिन तेंदुलकर के नामुमकिन से दिखने वाले रिकॉर्ड भी टूट गए। हालांकि, वर्ल्ड क्रिकेट में विराट की पहचान सचिन के रिकॉर्ड तोड़ने से नहीं, बल्कि ऐसी-ऐसी पारियां खेलने से बनी, जिनकी उम्मीद भी नहीं की जा सकती थी।
आज विराट कोहली अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं और इस मौके पर हम आपको उनकी 5 ऐसी पारियों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने कोहली को वर्ल्ड क्रिकेट का किंग बना दिया। कोहली ने 2008 में वनडे इंटरनेशनल में डेब्यू करने के बाद 2010 में टी20 और 2011 में टेस्ट डेब्यू किया। जिस फॉर्मेट के जरिए उन्होंने इंटरनेशनल पिच पर कदम रखा था, उसमें वह आज भी एक्टिव हैं, लेकिन टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं।
विराट कोहली के करियर की सबसे यादगार पारियों में पाकिस्तान के खिलाफ 183 रनों की पारी सबसे ऊपर आती है। 18 मार्च 2012 को ढाका में खेले गए एशिया कप के मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 329 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। भारतीय टीम के सामने जीत के लिए 330 रनों का लक्ष्य था। उस समय इतने बड़े लक्ष्य को हासिल करना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता था। टीम इंडिया को बिना खाता खोले ही पहला झटका लग गया। इसके बाद विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा के साथ मिलकर पारी को संभाला। उन्होंने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन एक बार लय हासिल करने के बाद पाकिस्तानी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं।
कोहली ने 148 गेंदों में 22 चौके और एक छक्के की मदद से 183 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 123.64 का रहा। विराट की इस शानदार पारी की बदौलत भारत ने 13 गेंद पहले ही 330 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। उस मुकाबले में भले ही सिर्फ पाकिस्तान हारा, लेकिन दुनिया को पता चल गया कि सचिन के बाद भी टीम इंडिया का बल्लेबाजी में दबदबा रहने वाला है। इसी दिन कोहली को चेज मास्टर के रूप में पहचान मिलने लगी।
विराट कोहली की दूसरी ऐतिहासिक पारी कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज में देखने को मिली। 28 फरवरी 2012 को ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट में भारत और श्रीलंका के बीच मुकाबला खेला गया। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 320 रन बनाए थे। भारत को फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए इस लक्ष्य को 40 ओवर के भीतर हासिल करना था। भारतीय टीम के सामने चुनौती बेहद कठिन थी। ऐसे में विराट कोहली ने मोर्चा संभाला और श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। उन्होंने सिर्फ 86 गेंदों में नाबाद 133 रन बना दिए। उनकी पारी में 16 चौके और दो छक्के शामिल थे। इसी मुकाबले में विराट ने लसिथ मलिंगा जैसे खतरनाक गेंदबाज के एक ही ओवर में 24 रन बटोरे। विराट की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर टीम इंडिया ने 36.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।
विराट कोहली की तीसरी ऐतिहासिक पारी 27 मार्च 2016 को मोहाली में देखने को मिली। टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-10 मुकाबले में भारत के सामने ऑस्ट्रेलिया की मुश्किल चुनौती थी। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 160 रन बनाए थे। भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए यह मुकाबला जीतना जरूरी था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा, शिखर धवन और सुरेश रैना सस्ते में आउट हो गए। टीम इंडिया ने 49 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। लेकिन इसके बाद विराट कोहली ने युवराज सिंह और फिर महेंद्र सिंह धोनी के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया।
विराट ने 51 गेंदों में नाबाद 82 रन बनाए। उनकी इस पारी में 9 चौके और 2 छक्के शामिल थे। आखिरी 18 गेंदों में भारत को 39 रन की जरूरत थी। विराट ने यहां भी दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया और शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिला दी। 49 रन पर 3 विकेट गंवाने वाली टीम इंडिया ने 19.1 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सेमीफाइनल का टिकट भी कटा लिया।
विराट कोहली के करियर की सबसे यादगार पारियों में 23 अक्टूबर 2022 को पाकिस्तान के खिलाफ मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेली गई पारी का जिक्र न हो, तो कहानी अधूरी रह जाएगी। टी20 वर्ल्ड कप के इस मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 159 रन बनाए थे।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 31 रन पर चार विकेट गंवा दिए। ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान यह मुकाबला आसानी से जीत जाएगा। लेकिन विराट कोहली ने हार नहीं मानी। उन्होंने हार्दिक पांड्या के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 113 रनों की साझेदारी की। हालांकि, मैच अब भी भारत की पहुंच से दूर था। आखिरी ओवरों में जीत के लिए भारतीय टीम को काफी रन बनाने थे। तब विराट ने हारिस रऊफ के ओवर में लगातार दो शानदार छक्के लगाकर मुकाबले का रुख बदल दिया।
विराट कोहली ने 53 गेंदों में नाबाद 82 रन बनाए। उनकी इस पारी में 6 चौके और 4 छक्के शामिल थे। आखिरी गेंद पर रविचंद्रन अश्विन ने एक रन लेकर भारत को 4 विकेट से जीत दिला दी। यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास के सबसे यादगार मुकाबलों में से एक बन गई। विराट की इस पारी को आज भी उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ पारियों में गिना जाता है।
वर्ल्ड क्रिकेट ने विराट कोहली को किंग का नाम दिया था, उसे कोहली ने 2024 में भी साबित करके दिखाया। टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल से पहले तक विराट कोहली बड़ी पारी खेलने के लिए जूझते रहे। फाइनल में सामने साउथ अफ्रीका की मजबूत टीम थी, जो अब तक टूर्नामेंट में अजेय थी। बारबाडोस में खेले गए खिताबी मुकाबले में रोहित शर्मा, ऋषभ पंत और सूर्यकुमार यादव पवेलियन लौट चुके थे। यहां से विराट कोहली ने अक्षर पटेल के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों के बीच बेहतरीन साझेदारी हुई, जिसने भारतीय टीम को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
विराट ने 59 गेंदों में 76 रन बनाए। उनकी पारी में 6 चौके और 2 छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी की बदौलत भारतीय टीम 20 ओवर में 176 रन बनाने में सफल रही। जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम जीत के करीब पहुंच गई थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में शानदार वापसी की और भारत ने 7 रन से मुकाबला जीतकर टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया।
विराट कोहली को इस मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस मुकाबले के बाद उन्होंने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर पर विराम लगा दिया। हर बार अपनी बल्लेबाजी से दुनिया को हैरान करने वाले कोहली ने इस बार संन्यास लेकर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से अपने एक यादगार अध्याय का अंत कर दिया।
Published on:
5 Nov 2026, 8:00 AM IST
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