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बिहार में फर्जी वेबसाइट से चल रहा ‘सेक्स रैकेट’ पकड़ा, अमीर महिलाओं के लिए अरेंज किए जाते थे प्ले बॉय

सरकारें भले ही क्राइम कम होने के लाख दावें कर रही हों, लेकिन हकीकत यह है कि इन मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। कई राज्यों में तो हालात पहले से भी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। अपराध का ऐसा ही एक बड़ा मामला सामने आया है। जहां फर्जी वेबसाइट के जरिए 'सेक्स रैकेट' चलाया जा रहा था।
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Bihar Crime News Sex Racket Burst Running From Fake Website Hiring Play Boys For Rich Women

Bihar Crime News Sex Racket Burst Running From Fake Website Hiring Play Boys For Rich Women

सरकारें भले ही अपराध पर लगाम लगाने के लाख दावें कर रही हों, लेकिन अब भी इन मामलों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। खास तौर पर साइबर क्राइम की वारदातों में तेजी से इजाफा हो रहा है। ऐसा ही एक बड़ा मामा बिहार से सामने आया है। यहां पर पुलिस ने फेक वेबसाइट के जरिए चलाए जा रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। इसमें फर्जी वेबसाइट बनाकर युवाओं को प्ले बॉय बनाने के नाम पर ठगी की जाती थी। रजिस्ट्रेशन फी और एडवांस में होटल चार्ज के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा तब हुआ जब पटना में एक कॉलोनी में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया।

पटना पुलिस की मानें तो इस गिरोह का सरगना अर्पित कुमार है। अर्पित ही फर्जी वेबसाइट बनाता था और फिर लड़की की तस्वीर लगाकर फेक प्रोफाइल अपलोड करता था।

इतना ही नहीं, अर्पित ना सिर्फ बिहार बल्कि अन्य राज्यों के लड़कों को प्ले बॉय बनाने के लिए संपर्क नंबर भी देता था। अर्पित मूल रूप से नवादा जिले के वारसलीगंज का रहने बताया जा रहा है। दरअसल पुलिस ने अर्पित के दो साथियों वारसलीगंज निवासी निशांत कुमार और अविनाश कुमार को वाहन चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया था।

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अर्पित की तलाश जारी
अर्पित अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। लेकिन जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनकी निशानदेही पर ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

पुलिस ने जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके पास से मिले मोबाइल में हर महीने 30 से 40 ट्रांजेक्शन के सबूत मिले हैं। एक युवक से यह गिरोह से 30 से 40 हजार रुपए की ठगी करता रहा है।

10 से ज्यादा मोबाइल नंबरों से फर्जीवाड़ा
अविनाश और निशांत दोनों ग्रेजुएट हैं। दोनों लगातार अर्पित के संपर्क में रहते थे। ये सिलसिला बीते दो वर्षों से चालू था।

किराए का एक कमरा भी इन लोगों ने ले रखा था। दोनों ने पुलिस को बताया कि अर्पित प्रोफाइल बनाने के लिए दस से अधिक मोबाइल रखता है।

प्रोफाइल बनाते ही सैकड़ों फ्रेंड रिक्वेस्ट आ जाती हैं
इन दोनों ने बताया कि, अर्पित की बनाई प्रोफाइन आकर्षक होती है। इसमें लड़की की तस्वीर लगाकर प्रोफाइल बनाने के कुछ देर बाद ही दो सौ से तीन सौ फ्रेंड रिक्वेस्ट तुरंत आने लगते थे।

इन चीजों की रहती है डिमांड
दिए गए नंबर पर जब लोग संपर्क करते थे तो झांसा देने के लिए दिल्ली, मुंबई सहित अन्य महानगरों की महिलाओं से उसका संपर्क होने की बात कहता था।

युवकों को बताया जाता था कि, एक अमीर महिला से तुम्हारी दोस्ती करानी है। इसके लिए तुम्हें ब्लड ग्रुप, आधार कार्ड के साथ तस्वीर देनी है।

तुम्हें सिर्फ एक बार रजिस्ट्रेशन फीस और होटल चार्ज देना है, लेकिन इसके बाद आपसे कोई खर्च वसूल नहीं किया जाएगा।

बंगाल से आते थे सिम कार्ड
चौंकाने वाली बात यह है कि, फोन पर बात करने के लिए अर्पित बंगाल से फर्जी आइडी पर सिम कार्ड मंगवाता था। दो से तीन युवकों से ठगी के बाद वह सिमकार्ड तोड़कर फेंक देता था। अब पुलिस बैंक अकाउंटों को भी खंगाल रही है।

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