29 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

तेलंगानाः लिव-इन पार्टनर की हत्या छिपाने के लिए आठ का कत्ल, अदालत ने मौत की सजा

तेलंगाना में नौ लोगों की हत्या करने वाले शख्स को मिली ( death penalty ) सजा-ए-मौत। लिव-इन पार्टनर की बेटी पर बुरी नजर डालने पर विरोध नहीं सह सका। चाचा के पूरे परिवार, रिश्तेदार और इमारत में रहने वाले दो की हत्या।
3 min read
Google source verification
Death Penalty to Man from Bihar for killing 9 in Telangana

Death Penalty to Man from Bihar for killing 9 in Telangana

हैदराबाद। नौ प्रवासी श्रमिकों की हत्या करने के दोषी बिहार के एक शख्स संजय कुमार यादव को तेलंगाना के वारंगल जिले की एक अदालत ने बुधवार को मौत की सजा ( death penalty ) सुनाई। संजय पर आरोप था कि उसने प्रवासी श्रमिकों के खाने में नींद की गोलियां मिला दी और फिर उन्हें कुएं में फेंककर हत्या कर दी थी।

Unlock 6.0 में किन स्थानों पर लॉकडाउन लागू रहेगा, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों-कॉलेजों को भी छूट पर नियम जारी

कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान घटी इस घटना के पांच महीने बाद अब अदालत ने यह फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला न्यायालय के मजिस्ट्रेट ने इन हत्याओं के लिए संजय कुमार यादव (24) को दोषी पाया और उसे मौत की सजा सुना दी।

पुलिस जांच में इस बात का खुलासा हुआ था कि संजय ने उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप रहने वाली में युवती की भी हत्या कर दी थी। इसके बाद अपने गुनाह छिपाने के लिए संजय ने बीते 20 मई को वारंगल के नजदीक गोरेकुंटा गांव में श्रमिकों को कुएं में फेंक दिया। इस घटना की जानकारी के बाद पुलिस ने 25 मई को संजय को गिरफ्तार किया। पूछताछ में संजय ने नींद की गोलियां खाने में देकर एक ही परिवार के छह सदस्यों समेत नौ लोगों की हत्या करना स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने पश्चिम बंगाल निवासी मोहम्मद मकसूद आलम (55), पत्नी निशा (48), बेटा शाबाज आलम (20)-सोहेल आलम (18), बेटी बुशरा खातून (22) और उसका तीन साल का बेटा, बिहार निवासी श्रीराम कुमार शाह (26) और श्याम कुमार शाह (21) समेत त्रिपुरा निवासी मोहम्मद शकील (40) का शव बरामद किया था।

निशा की भतीजी से थे संबंध

संजय के निशा की भतीजी रफीका (37) के साथ संबंध थे। पति से अलग होने पर रफीका अपने तीन बच्चों के साथ आ गई थी। वह संजय के साथ बैग के कारखाने में काम करती थी। दोनों किराये के कमरे में लिव-इन-रिलेशन में साथ रह रहे थे।

रफीका की बेटी पर बुरी नजर

संजय ने एक बार रफीका की बेटी का यौन शोषण करने की कोशिश की। इस पर रफीका ने उसे जमकर लताड़ लगाई। इस बात से गुस्साया संजय बदला लेने के बारे में सोचने लगा और फिर एक दिन रफीका को मार डालने की साजिश रची।

एक व्यक्ति दोबारा हो सकता है COVID-19 संक्रमित, आखिरकार ICMR ने दे ही दिया सबसे बड़े सवाल का जवाब

चलती ट्रेन से फेंक दिया

संजय ने मकसूद के परिवार को भरोसे में लिया कि वह रफीका से शादी को लेकर बड़ों से बात करने के लिए उसे लेकर पश्चिम बंगाल जा रहा है। दोनों 6 मार्च को ट्रेन से विशाखापट्टनम के लिए रवाना हुए और रास्ते में उसने छाछ में नींद की गोलियां मिलाकर रफीका को दी। रफीका के सो जाने पर संजय ने उसका गला घोंटा और शव को आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के निदादावोल के पास चलती ट्रेन से फेंक दिया।

कत्ल छिपाने के लिए कत्ल

राजामुंदरी में संजय ट्रेन से उतरा और वारंगल लौट गया। यहां पर निशा और मकसूद ने रफीका के ना लौटने के बारे में पूछा तो कहा कि वह गांव में है और बाद में आएगी। संपर्क ना होने पर मकसूद के परिवार ने संजय को पुलिस से शिकायत करने की धमकी दी। इसके बाद सभी को खत्म करने की साजिश रची।

बर्थडे पार्टी के दिन मर्डर

लॉकडाउन के दौरान 20 मई को मकसूद का परिवार शाबाज की बर्थडे मना रहा था। इस दौरान संजय घर पहुंचा और वहां बने खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। उसी इमारत में रहने वाले दो बिहारी युवकों ने संजय को देखा था, इसलिए सबूत मिटाने के लिए उसने उनके कमरे में जाकर वहां रखे खाने में भी नींद की गोलियां मिला दीं। इसके अलावा मकसूद के निमंत्रण पर घर पहुंचा त्रिपुरा निवासी शकील भी संजय की साजिश का शिकार बन गया।

बड़ी खबरें

View All

क्राइम

ट्रेंडिंग