26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

तलाकशुदा शख्स ने बीमा के 60 लाख रुपए लेने के लिए पूर्व पत्नी की हत्या का रचा था षडयंत्र, एक साल बाद ऐसे हुआ खुलासा

सालभर पहले हुई एरोबिक टीचर की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके तलाकशुदा पति समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Saif Ur Rehman

•

Updated: 25 Jul 2018, 10:30 AM IST

ex

तलाकशुदा शख्स ने बीमा के 60 लाख रुपए लेने के लिए पूर्व पत्नी की हत्या का रचा था षडयंत्र, एक साल बाद ऐसे हुआ खुलासा

देहरादून। करीब एक साल बाद पुलिस ने एक तलाकशुदा महिला का हत्या का केस सुलझाने का दावा किया है। सालभर पहले हुई एरोबिक टीचर की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके तलाकशुदा पति समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। खबरों के मुताबिक गिरफ्तार शख्स ने बीमा की 60 लाख रुपए की रकम पाने के लिए कत्ल की साजिश को रचा।

प्यार से हैवानियत तक की दास्तां: झांसा देकर ले गया प्रेमी, दुष्कर्म किया और कर दिया दो दोस्तों के हवाले


बिना पोस्टमार्टम के किया अंतिम संस्कार

23 जुलाई 2017 को एक तलाकशुदा महिला नीतू उर्फ विधि निवासी टर्नर रोड की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसके शव का बिना पोस्टमार्टम के ही अंतिम संस्कार कर दिया गया था। उस वक्त आरोपी आकाश ठक्कर ( पूर्व पति)ने महिला की मौत की वजह स्तन कैंसर बताया था। कैंसर की बात का दावा बीमा कंपनी और पुलिस की जांच में सिद्ध नहीं हो पाई। पुलिस को महिला का शव तो बरामद नहीं हुआ था, क्योंकि उसका अंतिम संस्कार हो चुका था। लेकिन दूसरे सबूतों की बिनाह पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक नगर प्रदीप कुमार राय के अनुसार नीतू की वर्ष 2017 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। विधि ने अपने पति आकाश ठक्कर से जनवरी 2017 में तलाक ले लिया था। तलाक के बाद दोनों साथ ही रहते थे। इसी बीच विधि की मौत हो गई, लेकिन आकाश ठक्कर ने इसकी जानकारी उसके परिजनों को नहीं दी थी। बेटी की मौत के 8 महीने बाद यानी 30 मार्च 2018 को विधि की मां पुष्पा देवी निवासी रुड़की ने एसएसपी को शिकायत की और आकाश पर विधि की हत्या का आरोप लगाया। पुष्पा देवी की शिकायत के बाद पुलिस ने एक टीम बनाकर जांच शुरू की। साक्ष्य जुटाते हुए, कागजी जांच और करीबियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने आकाश टक्कर और उसके पांच साथियों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। सभी आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।