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कश्मीरी युवक को जीप के आगे बांधकर घुमाने वाले मेजर गोगोई को मिल सकती है कड़ी सजा

कश्मीरी युवक को आर्मी जीप के आगे बांधकर घुमाने के बाद चर्चा में आए मेजर लीतुल गोगोई की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गोगोई के खिलाफ चल रही कोर्ट ऑफ एन्क्वॉयरी में उनके दोषी साबित होने की संभावना है।
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नई दिल्ली

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Amit Kumar Bajpai

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Updated: 4 Aug 2018, 12:46 PM IST

Major Gogoi

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जम्मू। कश्मीरी युवक को आर्मी जीप के आगे बांधकर घुमाने के बाद चर्चा में आए मेजर लीतुल गोगोई की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गोगोई के खिलाफ चल रही कोर्ट ऑफ एन्क्वॉयरी में उनके दोषी साबित होने की संभावना है। बीती 23 मई को श्रीनगर स्थित होटल में एक महिला के साथ दिखने पर गोगोई एक बार फिर सुर्खियों में आ गए थे। इस घटना के बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सेना ने कोर्ट ऑफ एन्क्वॉयरी का गठन कर दिया था। संभावना जताई जा रही है कि यह कोर्ट गोगोई के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट ऑफ एन्क्वॉयरी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट संबंधित विभाग में भेज दी है। इस रिपोर्ट में गोगोई को न्यूनतम दो मामलों में दोषी पाया गया है। गोगोई पर ड्यूटी के दौरान अपने तैनाती क्षेत्र से बाहर रहना भी शामिल है। यह कोर्ट ऑफ एन्क्वॉयरी एक ब्रिगेडियर की अध्यक्षता में गठित की गई थी और इसमें आरोपी मेजर गोगोई ने अपना बयान भी दर्ज कराया था। इतना ही नहीं कोर्ट ने मामले से संबंधित दस्तावेज की जांच की और कुछ अन्य संबंधित सैन्य अधिकारियों से भी बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए।

गौरतलब है कि बीती 31 मई को श्रीनगर अदालत में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट सौंपी थी। पुलिस की इस रिपोर्ट के मुताबिक गोगोई के खिलाफ कोई मामला नहीं बनाया गया है। इसकी वजह यह थी कि न तो होटल के मालिक और न ही लड़की ने गोगोई के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज कराई।

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो कोर्ट ऑफ एन्क्वॉयरी की जांच में मेजर जनरल रैंक के अधिकारी ने सिफारिश कर दी है और अब एक्सवी कॉर्प्स कमांडर की अनुमति मिलनी बाकी है। एक्सवी कॉर्प्स कमांडर की अनुमति कब मिलती है इसकी कोई डेडलाइन निर्धारित नहीं है। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही ऐसा हो सकता है।

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एक बार अनुमति मिलने के बाद सेना के अधिकारी आर्मी एक्ट के तहत गोगोई के खिलाफ आरोप तय करेंगे। इस दौरान गोगोई को दंडित किया जा सकता है या फिर उनका कोर्ट मार्शल भी किया जा सकता है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कोर्ट ऑफ एन्क्वॉयरी की जांच अभी पूरी होनी बाकी है और इसकी वजह कानूनी जांच का इंतजार है।

गौरतलब है कि बीते 26 मई को पहलगाम पहुंचे सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने घोषणा की थी, "अगर मेजर गोगोई ने कुछ गलत किया है तो मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि उन्हें सजा दी जाएगी। सजा भी ऐसी होगी जो एक उदाहरण बन जाएगी।" बता दें कि बीते वर्ष मेजर गोगोई ने एक कश्मीरी युवक को अपनी जीप के आगे बांधा था तब सेना प्रमुख ने उनका समर्थन किया था। इतना ही नहीं गोगोई को पुरस्कृत भी किया गया था।