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कठुआ गैंगरेप के बाद अब सूरत में बच्ची के साथ दरिंदगी, शरीर पर चोट के 80 निशान

पीड़िता के साथ लगातार 8 दिनों तक रेप किया गया इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम में मौत की वजह दम घुटने को बताई गई है।
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नई दिल्ली

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Mohit sharma

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Updated: 14 Apr 2018, 6:33 PM IST

Teacher Rapes Student

Teacher Rapes Student

नई दिल्ली। यूपी के उन्नाव और कश्मीर के कठुआ गैंगरेप के बाद अब गुजरात में झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां 11 साल की एक मासूम के साथ रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई। घटना सूरत के पांडेसरा से जुड़ी है। पीड़िता का शव सांई मोहन सोसायटी के पीछे क्रिकेट मैदान में पड़ा मिला। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी मिली है कि पीड़िता के साथ लगातार 8 दिनों तक रेप किया गया था। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम में मौत की वजह दम घुटने को बताई गई है।

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नहीं हुई पीड़िता की पहचान
जानकारी के अनुसार पीड़िता की बॉडी पर 80 जख्मों के निशान मिले हैं। वहीं, अभी पीड़िता के शव की पहचान नहीं हो पाई है। हालांकि पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए आसपास के लोगों के संपर्क साधने के साथ ही उसके परिजनों की जानकारी पर 20 हजार रुपए के नकद इनाम की घोषणा की है। फॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि पीड़ित की बॉडी पर चोट के 86 निशान पाए गए हैं, जबकि उसके प्राइवेट पार्ट पर जख्म के निशान मिले हैं। अभी एफएसएल टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इसके साथ ही मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस के अनुसार अभी तक आरोपी को कोई सुराग नहीं लग पाया है, लेकिन इसके लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

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आरोपी पुलिसकर्मीं बर्खास्त

बता दें कि जम्मू और कश्मीर के कठुआ जिले में आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद देश में घमासान मचा हुआ है। वहीं, जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मामले में आरोपी चार पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया। महबूबा के पास गृह मंत्रालय का प्रभार भी है। आधिकारिक सूत्रों ने यहां कहा कि मुख्यमंत्री ने जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मामले की सुनवाई 90 दिनों में समाप्त करने के लिए त्वरित अदालत की मांग की है। इस मामले को लेकर देशभर में आंदोलन तेज हो गया है। जानकार सूत्रों ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले में आरोपी एक उपनिरीक्षक, एक हवलदार और दो विशेष पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है।