
मुजफ्फरपुर: शेल्टर होम में लाई गईं थीं 450 लड़कियां, संचालक समेत 10 के खिलाफ केस दर्ज
पटना। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम दुष्कर्म केस में बड़े खुलासे के बाद रोजाना नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। खुलासा हुआ है कि पिछले पांच सालों के भीतर शेल्टर होम में करीब 450 लड़कियां लाई गई थीं। आपको बता दें कि दुष्कर्म मामले में सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए शेल्टर होम के संचालक ब्रजेश कुमार ठाकुर समेत कई कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि ब्रजेश शहर के रसूखदार लोगों में से एक है।
दोषियों के लिए फांसी की मांग
दरअसल, शेल्टर होम में रह रही 42 लड़कियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया था। मेडिकल परीक्षण में 29 के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। जबकि दो बीमार लड़कियों का परीक्षण नहीं कराया गया था। वहीं, शेल्टर होम में लड़कियों से हुए दुष्कर्म के खुलासे ने बिहार में सियासी तूफान लगा दिया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने जहां राज्य सरकार पर घटना में संलिप्त नेताओं और अफसरों को बचाने का आरोप लगाया है, वहीं आम आदमी पार्टी ने दोषियों के लिए फांसी की मांग की है। आप सांसद संजय सिंह का कहना है कि इस मामले की सुनवाई 6 माह के भीतर पूरी हो जानी चाहिए।
10 लोग को गिरफ्तार
लड़कियों के यौन शोषण मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें शेल्टर होम संचालक ब्रजेश कुमार ठाकुर के अलावा रवि कुमार रौशन, किरण कुमारी, विकास कुमार, मंजू देवी, हेमा मसीह, इन्दू कुमारी व नेहा को आरोपी बनाया है। आपको बता दें कि बच्चियों की मेडिकल रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि शेल्टर हाउस में रहने वालीं 42 में से 24 लड़कियों के साथ दुष्कर्म और मारपीट की गई थी। यही नहीं उनको नशीली दवाएं खिलाकर तरह-तरह की यातनाएं भी दी जाती थी। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लंबे समय तक हुए दुष्कर्म के कारण चार बच्चियां गर्भवती हो गई थीं। यही नहीं बच्चियों के गर्भवती होने की जानकारी पर उनका जबरन गर्भपात भी कराया गया।
Published on:
30 Jul 2018, 10:41 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.