
नई दिल्ली। गुजरात के सूरत में मृत पाई गई नौ साल की बच्ची का मामला जल्द ही सुलझ सकता है। पुलिस को इस प्रकरण में बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल, आंध्र प्रदेश के एक परिवार ने बच्ची की पहचान को लेकर दावा किया है। इस परिवार ने बच्ची को अपना बताया है, जिसके बाद पुलिस ने अपने को बच्ची का पिता बता रहे युवक का सैंपल डीएनए टेस्ट के लिए भेजा है। बता दें कि इस बच्ची का शव सूरत के पांडेसरा इलाके में सड़क किनारे बरामद हुआ था। बच्ची पिछले कुछ माह से गायब चल रही थी।
डीएनए टैस्ट को भेजा सैंपल
पुलिस सूत्रों के अनुसार आंध्र प्रदेश के एक शख्स का कहना है कि दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में पुलिस ने जिस बच्ची का शव बरामद किया है, वह उसकी बेटी है। यहां तक कि युवक ने इसकी पहचान के लिए अपना डीएनए टेस्ट कराने की भी बात कही। जिसके बाद पुलिस ने युवक का ब्लड सैंपल डीएनए टेस्ट के लिए भेज दिया। आंध्र प्रदेश के प्रकासम गोब्बूर का रहने वाले इस युवक ने अपना नाम मकन चीना नगैया डिवैया बताया है। अब पुलिस ने बच्ची की सटीक पहचान के लिए उसका और उसके तथाकथित पिता का ब्लड सैंपल डीएनए जांच को भेजा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट जानकारी हासिल हो सकेगी।
कई दिन तक हुई दरिंदगी
बता दें कि बच्ची के पहचान के लिए गुजरात पुलिस ने आठ हजार से ज्यादा लापता बच्चियों के डेटा को बारीकी से जांचा था। वहीं कई घंटे तक चले परीक्षण के बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि बच्ची को कम से कम आठ दिनों तक दुष्कर्म किया गया था और उस पर जुल्म ढाए गए थे। बच्ची के निजी अंगों समेत उसके शरीर पर 86 चोट के निशान पाए गए थे। राज्य के गृह मंत्री जडेजा ने जानकारी देते हुए बताया था कि बच्ची की गला दबाकर हत्या की गई थी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता चला है कि बच्ची के साथ कम से कम आठ दिनों तक दुष्कर्म किया गया और उसे प्रताड़ित किया गया।
Published on:
18 Apr 2018, 11:31 AM IST
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