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​उत्तराखंड सरकार 2724 स्कूलों को बंद करेगी

प्रदेश में शून्य से दस तक की छात्र संख्या वाले 2724 प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूल तत्काल प्रभाव से बंद होंगे
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देहरादून

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Siddharath Bhatt

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Updated: 28 Aug 2018, 5:55 PM IST

school file foto

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(अमर श्रीकांत की रिपोर्ट )

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने करीब 2724 स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। प्रदेश में शून्य से दस तक की छात्र संख्या वाले 2724 प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूल तत्काल प्रभाव से बंद होंगे। बंद किए जाने वाले स्कूलों का विलय आसपास के स्कूलों में किया जाएगा। शून्य से दस संख्या वाले 2425 प्राथमिक और 299 उच्च प्राथमिक स्कूलों के विलय पर सरकार ने मुहर लगा दी है। उत्तराखंड में 12339 प्राइमरी और 2796 अपर प्राइमरी स्कूल हैं।

आरटीई के मानकों को ध्यान में रखा जाएगा

शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूलों को क्लब करने के समय मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा कानून (आरटीई) के मानकों को ध्यान में रखा जाएगा। जिनके मुताबिक बच्चों के घर से स्कूल एक किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए। जो
स्कूल बंद होंगे उनके इमारतों का इस्तेमाल स्किल इंडिया मिशन के तहत किया जाएगा। सरकार बंद किए गए स्कूल के शिक्षकों को प्रदेश के ही जनपदों में शिफ्ट करेगी जहां शिक्षकों की आवश्यकता है। सरकार ने यह भी तय किया है कि शिक्षकों को होम टाउन में नहीं रखा जाएगा।

बुनियादी शिक्षा का कमजोर होना

दरअसल उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों की हालात काफी खस्ता है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी नहीं है। बावजूद उत्तराखंड बोर्ड के रिजल्ट पिछले 7 साल से खराब हो रहे हैं। इसके पीछे मूल वजह बुनियादी शिक्षा का कमजोर होना माना जा रहा है। इसके पहले इन स्कूलों को बंद करने को लेकर कई आयोग भी समय समय पर गठित किए गए लेकिन सरकार स्कूलों को बंद करने को लेकर कोई फैसला नहीं ले पा रही थी। मानक के हिसाब से स्कूलों में शिक्षक भरे पड़े हैं। यदि कोई समस्या है तो वह बच्चों को लेकर है। लिहाजा सरकार ने स्कूलों को बंद करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इससे सरकार पर आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा। अब सरकार की नजर माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों पर टिकी हुई है। इनको लेकर भी आयोग जल्द ही सरकार गठित करने वाली है। माना जा रहा है कि पर्वतीय जनपदों
में ऐसे स्कूलों की संख्या 600 से 800 के बीच हो सकती है जहां बच्चों की संख्या 25 से 30 के बीच में है। सरकार इन स्कूलों को बंद करेगी। सरकार एकाएक इन स्कूलों को बंद करना नहीं चाहती है। क्योंकि सरकार को भय है कि शिक्षक कहीं हड़ताल पर नहीं चले जाएं। इसलिए सरकार खास रणनीति के तहत ही कार्य कर रही है।

बच्चों की कम संख्या वाले स्कूल बंंद होंगे

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि स्कूलों को बंद करके सरकार ने सही फैसला लिया है। इससे सरकार पर आर्थिक बोझ कम होगा। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि उत्तराखंड से मेधावी छात्र निकलें। इस दिशा में सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार एेसे सभी स्कूलों को बंद करेगी ,जहां पर बच्चों की संख्या काफी कम है। लेकिन छात्रों का किसी भी हाल में नुकसान नहीं किया जाएगा।

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