देवरिया आश्रय गृह में बरामद की गई लड़कियों संग दुराचार की पुष्टि नहीं हो सकी है। जिले में इसके लिए गठित मेडिकल बोर्ड ने जांच रिपोर्ट शासन द्वारा नामित जांच अधिकारियों को सौंप दी है। हालांकि, इस मसले पर विधिवत रिपोर्ट व पुष्टि के लिए बच्चियों से लिये गए नमूनों की स्लाइड सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला को भेज दिया गया है। यह रिपोर्ट अंतिम रिपोर्ट मानी जाएगी। उधर, पुलिस ने अपनी थ्योरी में भी बदलाव कर दिया है.आंकड़ों कि बाजीगरी दिखाते हुए पुलिस व प्रशासन ने लापता लड़कियों कि संख्या भी कम कर दी है, अब यह संख्या 18 से 7 हो गई है. फ़िलहाल अचानक से कहानी को लोग सीबीआई जाँच से लोग जोड़कर देख रहे.