10 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Shardiya Navratri : नवरात्रि घटस्थापना 2026: कलश स्थापना की पूरी Puja Samagri List और Puja Vidhi देखें एक नजर में

Shardiya Navratri : शारदीय नवरात्रि में घटस्थापना कैसे करें, माता दुर्गा की पूजा कलश स्थापना के साथ ही होती है प्रारंभ, नौ दिनों का विधान
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

deepak deewan

•

Oct 11, 2026

navratri 2026

नवरात्रि 2026- Image Durgaji - image AI Grok

Shardiya Navratri : 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है। इसमें घट स्थापना का बहुत महत्व है। कलश स्थापना के साथ ही 9 दिनों की मां की आराधना प्रारंभ होती है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि शारदीय नवरात्रि में प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9.19 बजे शुरु हो जाएगी जोकि 11 अक्टूबर की रात 9.30 बजे तक रहेगी। शास्त्रोक्त विधान के अनुसार उदया तिथि यानि 11 अक्टूबर को नवरात्र का प्रारंभिक दिन माना जाएगा। इसी दिन से व्रत की शुरुआत होगी जोकि पूरे नौ दिनों तक चलेगा।

नवरात्रि के पहले दिन यानि 11 अक्टूबर को विधिपूर्वक घटस्थापना (कलश स्थापना) करना चाहिए।

घटस्थापना के लिए आवश्यक सामग्री

तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश
मां की प्रतिमा
मूर्ति या तस्वीर स्थापित करने की चौकी
आम के पत्ते
श्रीफल: यथासंभव जटा वाला पानी वाला नारियल लेना चाहिए
लाल वस्त्र, लाल चुनरी
शुद्ध जल
गंगा जल या नर्मदा जल
कलावा (मौलि), अक्षत (साबुत चावल), कुमकुम, रोली, सुपारी, हल्दी की गांठ और सिक्का।
घट में गोमती चक्र या कौड़ियां भी डाल सकते हैं

घटस्थापना

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार सुबह यथाशीघ्र स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनकर सबसे पहले सूर्य को अर्घ्य दें। इसके बाद पूजाघर की सफाई करें और वहां गंगा जल या नर्मदा जल छिड़कें। दुर्गा पूजा में शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानि ईशान कोण में चौकी रखकर उस पर लाल कपड़ा बिछाएं। इसके ऊपर दुर्गाजी की तस्वीर रखें। उनके समक्ष देशी घी का दीपक जलाएं। अब हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर दुर्गाजी का स्मरण करें और नवरात्रि पूजा का संकल्प लें। कोई जाप करना चा​हते हैं तो मंत्र संख्या का उल्लेख करते हुए 9 दिनों में जाप पूर्ण करने का संकल्प लें।

ऐसे स्थापित करें कलश

तांबे या पीतल के कलश पर कलावा यानि मौलि लपेट दें। उस पर चंदन, रोली या हल्दी से स्वास्तिक बनाएं। कलश में शुद्ध जल भरकर उसमें थोड़ा सा नर्मदा जल या गंगाजल मिला दें। कलश में पूजावाली सुपारी, हल्दी की गांठ, अक्षत के साथ एक सिक्का भी डाल दें। कलश के मुख पर आम के पत्ते रखें। अब एक नारियल पर लाल चुनरी और कलावा बांधकर कलश के ऊपर रख दें। चौकी पर या उसके पास थोड़े से अक्षत रखकर उस पर कलश स्थापित करें। अब महादेव से अपना नवरात्रि का संकल्प पूरा करने की प्रार्थना करें। इसके बाद गणेशजी का ध्यान करें और दुर्गाजी की पूजा, मंत्र जाप प्रारंभ कर दें।