डूंगरपुर। नेहा, सिया व हिमांशी ने दुनिया ही नहीं देखी और ऐसे ही दुनिया से विदा हो जाएगी यह किसी ने नहीं सोचा था। सबके चेहरे पर रह-रहकर उनके गुजरे कल की तस्वीरें सामने आ रही थी। घर-परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बेटियों के मां-बाप तो इस तरह टूटे की उनकी दुनिया ही उजड़ गई। बेटियों के इस तरह चले जाने ये गांव में हर किसी का कलेजा रह-रह कर फट रहा था। नेहा को लेकर उसका कंधा देने वालों के हाथ ही कांप उठे क्योंकि उसका जन्मदिन था। केक काटने के दिन उसकी अर्थी उठी तब सबकी आंखे भर आई।