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Video: सरकार की सख्ती को रद्दी की टोकरी में फेंक दसवें दिन दस शिक्षाकर्मी बैठे क्रमिक भूख हड़ताल पर

संगठन के अध्यक्ष शत्रुहन साहू ने बताया कि उनकी मांग पूरी होने के बाद ही वे हड़ताल को समाप्त करेंगे।
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दुर्ग

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Dakshi Sahu

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Updated: 29 Nov 2017, 2:15 PM IST

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दुर्ग . शिक्षा विभाग में संविलियन की मांग को लेकर प्रदेश भर के शिक्षाकर्मी हड़ताल पर है। बुधवार को जिला मुख्यालय स्तर पर आंदोलन को तेज करते हुए क्रमिक भूख हड़ताल शुरु किया गया है। मानस भवन के निकट लगे पंडाल में दस महिला व पुरुष शिक्षाकर्मी एक साथ क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे गए हैं।

संगठन के अध्यक्ष शत्रुहन साहू ने बताया कि उनकी मांग पूरी होने के बाद ही वे हड़ताल को समाप्त करेंगे। चाहे शासन व प्रशासन उनके खिलाफ किसी भी तरह निर्णय ले ले। वे अब पीछे नहीं हटेंगे। शिक्षाकर्मी अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जो सत्ताधारी नेता ही एक समय में उनकी मांगों को जायज ठहराते थे। आज वहीं संविलियन करने से इंकार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि शिक्षा कर्मियों के आंदोलन के कारण प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को जिला पंचायन ने दो कर्मियों को बर्खास्त किया। वहीं 15 ऐसे शिक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया है जो तबादले पर आए थे।

ये बैठे हैं क्रमिक भूख हड़ताल पर
दुर्ग जिला नगरीय शिक्षाकर्मी संघ से सविता जगदल्ले, आशा रामटेके, उषा ठाकुर, चम्पा नायक, पुष्पाजंली देशमुख, स्वाति बेलचंदन, चंद्रहास देवांगन, मिलेश्वर देशमुख, हेमंत बेहरा, भुनेश्वर गर्ग, हुकुम दास साहू, सीमा वर्मा नौ सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार से भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।

यह है शिक्षाकर्मियों की प्रमुख मांगे
1.सामान कार्य सामान वेतन के तहत सभी शिक्षाकर्मियों को शिक्षा विभाग में संविलियन कर क्रमोन्नत कर समयमान व सातवां वेतनमान लागू किया जाए।
2. वेतन विसंगति को दूर कर सामानुपातिक वेतनमान की संरचना कर उक्त वेतनमान का लाभ 1 मई 2013 से दिया जाए।
3.सभी शिक्षाकर्मियों को दो स्तरीय क्रमोन्नत समयमान वेतनमान भूतलक्षी प्रभाव से से जारी किया जाए।
4. अप्रशिक्षित शिक्षाकर्मियों को को नियमित किया जाए। साथ ही उन्हें पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ दिया जाए।
5. कैबिनेट के निर्णय का पालन करते हुए शिक्षक पंचायत को वरिष्ठता के आधार पर प्रधान पाठक व प्राचार्य बनाया जाए।
6.व्याख्याता, शिक्षक, पीटीआई व उर्दू के पदोन्नति के लिए प्रावधान बनाकर पद स्वीकृत किया जाए।
7. प्रदेश के अन्य कर्मचारी एवं शासकीय शिक्षक संवर्ग के सामान संर्वग के लिए खुला स्थानांतरण नीति बनाई जाए।
8. समग्र वेतनमान में सीपीएस कटौती एवं 1.1.2014 के पूर्व नियुक्त शिक्षक संवर्ग को पेंशन, ग्रेज्यूटी एवं समूह बीमा का लाभ देते हुए जीपीएफ कटौती किया जाए।
9. टीईटी एवं डीएड के बिना अनुकंपा नियुक्ति का प्रवधान कर न्यूनतम योग्यता के अभाव में चतुर्थ वर्ग में अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।