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प्रत्यक्ष कर से एक साल में दस लाख करोड़ से ज्यादा भरा सरकारी खजाना

बीते वित्त वर्ष में देश में 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा प्रत्यक्ष कर संग्रह किया गया जोकि उससे पिछले साल के मुकाबले 18 फीसदी ज्यादा है।
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नई दिल्ली

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Ashutosh Kumar Verma

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Updated: 24 May 2018, 1:47 PM IST

Direct Tax Collection

पिछले साल 10 लाख करोड़ से ज्यादा हुआ प्रत्यक्ष कर संग्रह

नई दिल्ली। आम आदमी भले ही पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम आैर महंगार्इ के दोहरी मार से मर रहा हो लेकिन इससे सरकार की कमार्इ पर कोर्इ फर्क नहीं पड़ रहा। बल्कि दिन पर दिन मालामाल हो रही है। अभी हाल ही में जीएसटी से सरकार के खाते में करीब एक लाख करोड़ रुपए से भी अधिक आए थे। अब सरकार की झोली प्रत्यक्ष कर संग्रह से भी भर गर्इ है। प्रत्यक्ष कर संग्रह से सरकार के खजाना पिछले साल के मुकाबले 18 फीसदी बढ़ गर्इ है।


10 लाख करोड़ रुपए की हुर्इ कमार्इ

बीते वित्त वर्ष में देश में 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा प्रत्यक्ष कर संग्रह किया गया जोकि उससे पिछले साल के मुकाबले 18 फीसदी ज्यादा है। यह जानकारी बुधवार को सरकार की ओर से दी गई। वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, "बीते वित्त वर्ष 2017-18 में कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 10.03 लाख करोड़ रहा, जोकि वित्त वर्ष 2016-17 के मुकाबले 18 फीसदी ज्यादा है।"

प्रत्यक्ष कर संग्रह से पिछले सात साल में सबसे अधिक कमार्इ

मंत्रालय ने कहा कि प्रत्यक्ष कर संग्रह में 18 फीसदी की सालाना वृद्धि पिछले सात साल में सबसे ज्यादा है। पिछले महीने वित्त सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में भारत का प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले साल के मुकाबले 17.1 फीसदी बढ़कर 9.95 लाख करोड़ हो गया और यह बजट अनुमान के आंकड़े से पहले ही अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े अस्थाई हैं और कर संग्रह के अंतिम आंकड़े आने पर इसमें परिवर्तन हो सकता है।


पिछले महीने वित्त सचिव हसमुख अधिया ने कहा था कि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए भारत का प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.95 लाख करोड़ रुपये के नेट पर पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 17.1 फीसदी बढ़ गया था और बजट अनुमानों (बीई) आंकड़े से अधिक हो चुका था। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े अस्थायी थे और संग्रह के आंकड़ों के अंतिम संयोजन के लंबित परिवर्तन के अधीन थे।