इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (फिच समूह) में मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कहा, "पहली तिमाही में कर संग्रह पिछले वर्ष के कर रिफंड के कारण प्रभावित हुआ है, लेकिन वृद्धि दर की मौजूदा चाल का कर संग्रह पर एक असर होगा। आयकर और केंद्रीय जीएसटी संग्रह वृद्धि दर अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन कॉरपोरेट कर संग्रह की वृद्धि दर पहली तिमाही के कॉरपोरेट परिणामों को दिखा रहा है।" उन्होंने कहा, "कुल मिलाकर यदि खपत में सुस्ती को तत्काल पलटा नहीं गया, तो सरकार के लिए वित्त वर्ष 2020 के राजकोषीय घाटे को हासिल करना एक कठिन कार्य होगा।"