
India-UK migration and mobility partnership deal : प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रवास और गतिशीलता साझेदारी डील ( India-UK migration and mobility partnership deal ) को कल अपनी मंजूरी दे दी। केंद्र के इस फैसले से भारत और ब्रिटेन के छात्रों और शोधकर्ताओं के साथ-साथ कुशल पेशेवरों को भी लाभ मिलेगा। अब वो पहले से असान शर्तों पर ब्रिटेन में जाकर पढ़ाई, कारोबार व काम कर पाएंगे। वहीं ब्रिटेन के प्रोफेशनल्स के लिए भारत में काम करना च अन्य गतिविधियों में शामिल होना आसान होगा।
प्रोफेशनल्स की आवाजाही को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय मंत्रिमंडल से इंडिया-ब्रिटेन माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप डील ( India-UK migration and mobility partnership deal ) को मंजूरी छात्रों, शोधकर्ताओं के साथ यूनाइटेड किंगडम और उत्तरी आयरलैंड में अध्ययन या काम करने के इच्छुक कुशल पेशेवरों के लिए अच्छी खबर है। हालांकि, एमओयू में शामिल प्रावधानों का अभी पब्लिक डोमेन में आना बाकी है। लेकिन यह प्रवासन के मानदंडों को कम करने और पहले से ज्यादा आसान बनाने वाला साबित होगा।
नवाचार के क्षेत्र में सहयोग पर बल
इस बारे में केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि यह समझौता ज्ञापन प्रतिभा के मुक्त प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के साथ नवाचार और उद्यमिता को भी बढ़ावा देगा। विदेश मंत्रालय का संयुक्त कार्य समूह तंत्र समझौता ज्ञापन के प्रभावी कार्यान्वयन की बारीकी पर निगरानी रखेगा। माना जा रहा है कि नई माइग्रेशन साझेदारी से भारतीय और ब्रिटिश पेशेवरों को एक दूसरे के देशों में रहने और काम करने का नया अवसर प्रदान करेगा। भारतीय नागरिकों अब वर्किंग वीजा पहले से ज्यादा संख्या में और आसानी से मिलेगा। दोनों देशों के बीच प्रवास सहयोग में तेजी आएगी।
Web Title: Central cabinet approves india uk migration and mobility partnership deal
Updated on:
06 May 2021 03:15 pm
Published on:
06 May 2021 02:06 pm
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