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हरक सिंह रावत कांग्रेस में हुए शामिल, पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते BJP ने किया था निष्कासित

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा हाई है। पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बीजेपी से निष्कासित किए गए कद्दावर नेता हरक सिंह रावत ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। लंबी जद्दोजहद के बाद शुक्रवार को आखिरकार रावत कांग्रेस में शामिल हो ही गए।
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Dheeraj Sharma

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Updated: 21 Jan 2022, 4:57 PM IST

Uttarakhand Election 2022 Harak Singh Rawat Joins Congress

Uttarakhand Election 2022 Harak Singh Rawat Joins Congress

उत्तराखंड में पूर्व बीजेपी नेता हरक सिंह रावत शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। खास बात यह है कि हरक सिंह रावत अकेले नहीं बल्कि अपनी पुत्रवधू यानी बहू को कांग्रेस में ले आए। रावत की बहू अनुकृति गुसांई रावत ने भी उनके साथ ही कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। हरक सिंह रावत को पिछले हफ्ते बीजेपी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं, कि हरक सिंह रावत कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे। हालांकि कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश सिंह रावत इस बात से खुश नहीं थे।

बीजेपी से निष्कासित हरक सिंह रावत ने अपनी बहू के साथ कांग्रेस का दामन थाम लिया है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा जोरों पर हैं कि कांग्रेस में उनकी एंट्री सिर्फ एक टिकट की शर्त पर हुई है। यानी चुनाव या तो हरक सिंह रावत लड़ेंगे या फिर उनकी बहू अनुकृति।

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बीजेपी ने मुझे यूज एंड थ्रो समझा

कांग्रेस जॉइन करने के बाद रावत ने कहा कि, जब 10 मार्च को कांग्रेस पूर्ण बहुमत से जीतेगी, तो यह मेरी माफी होगी। बीजेपी ने मुझे 'यूज़ एंड थ्रो' समझा। मुझे बहुत परेशानी हुई थी। मैंने अमित शाह के साथ अपनी दोस्ती आखिरी पल तक नहीं तोड़ी, जैसा कि मैंने वादा किया था।


हरीश रावत के चलते टल रही थी एंट्री

दरअसल बीजेपी से निष्कासन के पीछे बड़ी वजह यही थ कि हरक सिंह रावत कांग्रेस के संपर्क में थे। हालांकि कांग्रेस में उनकी राह इतनी आसान नहीं थी। क्योंकि पार्टी के कद्दावर नेता हरीश रावत नहीं चाहते थे कि हरक की पार्टी में एंट्री हो। क्योंकि एक वक्त पर हरक रावत के चलते ही हरीश सिंह रावत की सरकार गिरी थी।
हालांकि कांग्रेस पार्टी का एक धड़ा हरक सिंह को पार्टी में शामिल करने के पक्ष में था।

नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह से लेकर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदिया का मानना है कि हरक सिंह रावत के पार्टी में शामिल होने से गढ़वाल क्षेत्र में कांग्रेस मजबूत होगी। हरक गढ़वाल की कई सीटों पर मजबूत पकड़ रखते हैं।

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सोनिया व राहुल गांधी की हरी झंडी के बाद हरक सिंह को पार्टी में शामिल करने का अंतिम फैसला किया गया। हरक सिंह रावत के कांग्रेस में शामिल होने पर कांग्रेस भवन देहरादून में खूब आतिशबाजी और नारेबाजी हुई। हालांकि अब तक ये साफ नहीं हो पाया है कि कांग्रेस इन्हें कहां से चुनाव लड़ाएगी।