8 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नाना पाटेकर के निधन से टूटीं स्मृति ईरानी, इमोशनल पोस्ट कर सुनाई आखिरी बातचीत, जिसे भूल नहीं पा रहीं

Nana Patekar Death: नाना पाटेकर के निधन पर स्मृति ईरानी भावुक हो गईं। उन्होंने ‘दादा’ कहकर नाना के साथ अपनी आखिरी बातचीत, उनकी खास यादों और रिश्ते के बारे में बताया।
2 min read
Google source verification
Nana Patekar death

नाना पाटेकर से आखिरी बातचीत याद कर भावुक हुईं स्मृति ईरानी (सोर्स: IMDb)

Nana Patekar Passes Away: भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। आज 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित उनके घर पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया। उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने ANI को फोन पर उनकी मौत की पुष्टि की। उन्हें सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया। नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।

स्मृति ईरानी ने नाना को कहा ‘दादा’

नाना पाटेकर के निधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और अभिनेत्री स्मृति ईरानी ने भी सोशल मीडिया पर बेहद भावुक पोस्ट शेयर की। उन्होंने बताया कि दुनिया उन्हें नाना पाटेकर के नाम से जानती थी, लेकिन वह उन्हें प्यार से ‘दादा’ कहती थीं। स्मृति ने लिखा कि नाना के फोन अचानक आते थे, लेकिन उनके लिए बेहद खास होते थे। बातचीत में किसी तरह की औपचारिकता नहीं होती थी। बस उनकी परिचित आवाज सुनाई देती थी- ‘कहां है रे?’

उन्होंने बताया कि दोनों ने साथ बिताए पलों की बहुत कम तस्वीरें खिंचवाई थीं। स्मृति के मुताबिक, शायद इसलिए क्योंकि उस समय कभी यह ख्याल नहीं आया था कि एक दिन उनके पास उन पलों की सिर्फ तस्वीरें रह जाएंगी।

‘वह युवा टैलेंट से बात करने के लिए तुरंत तैयार हो जाते थे’

स्मृति ईरानी ने नाना पाटेकर के सरल और गर्मजोशी भरे स्वभाव को याद करते हुए बताया कि वह कभी-कभी उन्हें अचानक फोन करती थीं। कई बार सिर्फ इसलिए कि किसी ऐसे युवा टैलेंट की नाना से फोन पर बात करवा सकें, जो उनके काम का प्रशंसक हो।

स्मृति के मुताबिक, नाना हमेशा उनकी बात मान जाते थे। उनके सख्त और रूखे नजर आने वाले व्यक्तित्व के पीछे काफी गर्मजोशी छिपी थी।उन्होंने नाना से जुड़ी एक निजी याद भी साझा की। स्मृति ने बताया कि उनकी सबसे करीबी यादों में से एक वह है, जब नाना ने उनके लिए खाना बनाया था। कोई खास मौका नहीं था, बस वह अपने अंदाज में ‘दादा’ बनकर उनके लिए खाना बना रहे थे।

‘हमारी आखिरी बातचीत आज भी मेरे कानों में गूंजती है’

स्मृति ईरानी ने अपनी पोस्ट में नाना पाटेकर के साथ हुई आखिरी बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि वह बातचीत आज भी उनके कानों में गूंजती है। नाना ने उनसे पूछा था, ‘आ रे पुणे, कधी येशील?’ यानी ‘आओ रे पुणे, कब आओगी?’ इसके बाद स्मृति ने लिखा कि शायद वह ‘जल्द’ कभी नहीं आ सका। नाना पाटेकर के जाने के बाद उनकी यह आखिरी बातचीत स्मृति के लिए हमेशा एक भावुक याद बनकर रह गई है।

बता दें, नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में करीब पांच दशक तक अपनी अलग पहचान बनाई। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।