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शहीद की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से आक्रोश

जिलाधिकारी, एसएसपी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शहीद के गांव नहीं पहुंचे थे जिससे आक्रोश फैल गया।
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एटा

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Amit Sharma

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Updated: 14 Jun 2018, 4:03 PM IST

Funeral of Shaheed Rajneesh Kumar

शहीद की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से आक्रोश

एटा। जम्मू के सांबा सेक्टर में शहीद हुए रजनेश यादव का पार्थिव शरीर सुबह उनके पैतृक गांव जैथरा थाना क्षेत्र के सदियापुर में पहुंचा। शहीद का शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। शहीद के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शनों के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। शहीद के पिता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अंतिम संस्कार में आने के लिए गुहार लगाई थी लेकिन वो नहीं आये, इसको लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।

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परिजनों ने मुख्यमंत्री और ग्रहमंत्री को बुलाने की मांग की

जिलाधिकारी अमित किशोर और एसएसपी अखिलेश चौरसिया भी शहीद के अंतिम संस्कार के दौरान नहीं पहुंचे। इसको लेकर भी परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ग्रहमंत्री राजनाथ सिंह को भी अंतिम संस्कार में बुलाने की मांग की। स्थानीय प्रशासन और जन प्रतिनिधियों की बेरुखी के चलते आक्रोशित परिजनों ने शहीद का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। मामला जब मुख्यमंत्री के संज्ञान में पहुंचा तो प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग, क्षेत्री सांसद मुकेश राजपूत सहित तमाम स्थानीय नेता दौड़े-दौड़े सदियापुर गांव पहुंचे। इसके बाद मौके जिलाधिकारी अमित किशोर और एसएसपी अखिलेश चौरसिया भी पहुंचे।

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काफी मान मनौव्वल के बाद शहीद के परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। शहीद रजनेश के ढाई वर्षीय पुत्र वर्ष ने शहीद को मुखाग्नि दी। शहीद की अंतिम विदाई में हर किसी की आंखें नम थीं तो देश की खातिर जान देने वाले वीर सपूत की शौर्यगाथा गौरान्वित भी कर रही थी हालांकि शहीद के परिजन स्थानीय प्रशासमन और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी के चलते व्यथित दिखे।

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