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माँ कर्मा देवी जयंतीः पूजा एवं सिद्ध मंत्र जप विधि

पूजा के बाद इस मंत्र के जप से होती है मनोकामना पूरी  
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भोपाल

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Shyam Kishor

•

Updated: 19 Mar 2020, 11:01 AM IST

माँ कर्मा देवी जयंतीः पूजा एवं सिद्ध मंत्र जप विधि

माँ कर्मा देवी जयंतीः पूजा एवं सिद्ध मंत्र जप विधि

हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को साहू (तेली) समाज की अधिष्ठात्री भक्त शिरोमणि माँ कर्मा देवी माता की पावन जयंती मनाई जाती है। इस साल 2020 में माता कर्मा देवी की जयंती 20 मार्च दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। देश भर में साहू समाज के श्रद्धालु माता कर्मा देवी की जयंती बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं। जानें माँ कर्मी की पूजा विधि, आरती एवं मंत्र जप के लाभ।

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ऐसे करें माता कर्मा का पूजन

माँ कर्मा देवी जयंती के दिन सुबह स्नान करने के बाद, श्वेत वस्त्र धारण करें। माता कर्मा का विधिवत पूजन करने के लिए लिए अपने घर में ही या फिर माता कर्मा के मंदिर में ताजे पुष्प, चावल, हल्दी-कुमकुम, धुप-दीप, नैवेद्य आदि पदार्थों से श्रद्धापूर्वक पूजन करें। पूजने के बाद माँ कर्मा के इस सिद्ध मंत्र का जप 108 बार करें। इस मंत्र के जप से अनेक कामनाएं पूरी हो जाती है।

माँ कर्मा सिद्ध मंत्र- "ऊँ नमो कर्मा महादैव्ये नमः।।

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पूजन के बाद श्रद्धापूर्वक माता कर्मा की आरती करें-

।। करमा माता की आरती ।।

जय करमा मइया कि माई जय करमा मइया।
निजजन को भवसागर से माँ पार करो नइया॥
कि जय करमा मइया कि माई जय करमा मइया।।

जब जब पीर पड़ी स्वजनों पर तुम दौड़ी आई।
विपदा हरी तैलकारों की तुमने ही माई ॥
कि जय करमा मइया कि माई जय करमा मइया।।

साहू वंश उजागर किन्हीं तुमने कल्याणी।
स्वर वंचित तैलिक अधरों को तुमने दी वाणी॥
कि जय करमा मइया कि माई जय करमा मइया।।

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मीरा सी महान दुर्गा सी दक्ष दुष्ट दलनी।
हे करूणामयी हमें शरण दो माता दुखहरणी ॥
कि जय करमा मइया कि माई जय करमा मइया।।

तेरी खिचड़ी खाने आये जगन्नाथ स्वामी।
धन्य धन्य माँ करमा जिनके भगवान अनुगामी॥
कि जय करमा मइया कि माई जय करमा मइया।।

करमा मइया की आरती जो कोई जन गावे।
बेदराम लहे चारि पदारथ सुख समपत्ति पावे॥
कि जय करमा मइया कि माई जय करमा मइया।।

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